राजस्थान: निकाय चुनावों में कांग्रेस क्यों बताया बीजेपी को तीसरा मोर्चा? जानिए किससे बताया अपना मुकाबला
राजस्थान में 273 निकायों के चेयरमैन चुनाव के बीच कांग्रेस ने भाजपा और पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जूली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कांग्रेस मुकाबला सीधे पुलिस से बताया...
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राजस्थान निकाय चुनाव में आज 273 निकायों के फैसले का दिन है। इन निकायों में आज चेयरमैन के चुनाव हैं। इसी बीच प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से चल रही बाड़ाबंदी में कांग्रेस पार्षदों, विधायकों व निर्दलीय प्रत्याशियों और पुलिस के बीच टकराव के कई वीडियो सामने आ चुके हैं।
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को इस मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट भी डाली है। जूली ने भाजपा के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन पर भी निशाना साधा है। जूली ने दावा किया कि चुनाव में कांग्रेस का सीधा मुकाबला भाजपा से कम और पुलिस-प्रशासन से ज्यादा हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में कांग्रेस का सीधा मुकाबला भाजपा से नहीं, बल्कि पुलिस-प्रशासन से हो रहा है। जूली ने भाजपा को ‘तीसरा मोर्चा’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डटे रहना होगा। उन्होंने कहा कि आखिर में जीत जनता और लोकतंत्र की होगी।
प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस का सीधा मुकाबला पुलिस और प्रशासन से हो रहा है।
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) September 21, 2026
भाजपा तो तीसरा मोर्चा है।
डटे रहो, राहुल गांधी जी के बब्बर शेरों।
जीत जनता की होगी, जीत लोकतंत्र की होगी।@INCIndia @INCRajasthan pic.twitter.com/jsKqiUISFZ
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डोटासरा बोले ...ये ही "गुजरात मॉडल"
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जहां-जहां भाजपा को हार का अंदेशा है, वहां छापेमारी, नोटिस और दबाव के जरिए माहौल बनाया जा रहा है।
डोटासरा ने श्रीगंगानगर का जिक्र करते हुए दावा किया कि नगर परिषद चुनाव में मतदान से एक दिन पहले पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ के परिवार से जुड़े लोगों के घर पुलिस ने छापे मारे। वहीं, नोहर में कांग्रेस नेताओं के घर पुराने जमीन विवाद से जुड़े नोटिस चस्पा किए जाने और फतेहपुर में भाजपा के बाड़ाबंदी में शामिल नहीं होने वाले पार्षद रामकरण को अतिक्रमण का नोटिस दिए जाने का दावा किया।
डोटासरा ने सवाल उठाया कि चुनाव के बीच पुलिस-प्रशासन की यह सक्रियता क्यों बढ़ गई है। उन्होंने पूछा कि अगर भाजपा को वोट से बहुमत नहीं मिला तो क्या छापेमारी, डर और दबाव के जरिए नगर निकायों में बोर्ड बनाए जाएंगे? डोटासरा ने इसे ‘गुजरात मॉडल’ बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उनके इन आरोपों पर भाजपा या प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।