Rajasthan BJP: शाह के स्वागत के लिए लगे पोस्टर पर दिखी राजे की तस्वीर, विस चुनाव से पहले गुटबाजी दूर करने के संकेत
पूर्व सीएम वसुंधरा की तस्वीर का पोस्टर पर होना आलाकमान की ओर से प्रदेश की राजनीति में उनके सक्रिय होने का संकेत माना जा रहा है। साथ ही गुटबाजी पर भी विराम लगाने की कोशिश की गई है।
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से राजनीतिक हवा के बदलने के संकेत मिलने लग गए हैं। राजनीतिक चाणक्य के रूप में विख्यात अमित शाह उत्तर क्षेत्रीय पारिषद की बैठक की अध्यक्षता करने शनिवार को जयपुर पहुंचे थे। भाजपा के पद अधिकारियों ने अमित शाह के जोरदार स्वागत की तैयारियां की थीं, लेकिन राष्ट्रीय शोक के कारण प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और राजेंद्र राठौर ही एयरपोर्ट पर उनका औपचारिक स्वागत करने पहुंचे थे।
इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर क्षेत्रीय पारिषद की बैठक में शामिल होने चले गए। अमित शाह का भाजपा प्रदेश कार्यालय जाने का कार्यक्रम पहले दोपहर 3 बजे का था, जिसे बाद में 5 बजे कर दिया गया। शाह यहां तीन घंटे रुकने वाले थे, लेकिन बाद में वह एक घंटे ही रुक सके। उनके दौरे को लेकर एयरपोर्ट से लेकर होटल रामबाग और भाजपा कार्यालय मार्ग पर दोनों तरफ स्वागत पोस्टर लगे हुए थे। इस बार इन पोस्टर्स में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे की फोटो भी लगी थी। प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में भी वसुंधरा का फोटो लगा हुआ था। इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह भी है और असमंजस भी है।
इससे पहले हैदराबाद में संपन्न राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में वसुंधरा राजे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा करते तस्वीरें भी खूब वायरल हुई थीं। इस दौरान पीएम मोदी ने वसुंधरा राजे की बहु के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। हैदराबाद के बाद अमित शाह के जयपुर दौरे को लेकर लगे पोस्टर में राजे की तस्वीर होना उनके एक बार फिर एक्टिव होने का संकेत दे रहा है। इससे पहले भाजपा के कई अन्य कार्यक्रमों के पोस्टर पर राजे की तस्वीर नहीं लगाई गई थी।
इस बार सभी पोस्टर पर वसुंधरा की तस्वीर का होना आलाकमान की ओर से प्रदेश की राजनीति में उनके सक्रिय होने का संकेत माना जा रहा है। साथ ही गुटबाजी की अदकलों पर भी विराम लगाने की कोशिश की गई है। राजीनतिक जानकारों का कहना है 2023 के विधानसभा चुनाव वसुंधरा राजे को नकारा नहीं जा सकता। प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव दिखाई देता है। वह 50 सीटों पर हार और जीत को प्रभावित करती हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए सत्ता के बंद ताले की चाभी सिर्फ वसुंधरा राजे ही हो सकती हैं।
जानकारों कहना है कि प्रदेश नेतृत्व की लड़ाई का खामियाजा भाजपा को 2018 के चुनाव में भी देखने को मिला था। पिछले चुनाव में पार्टी सिर्फ कुछ सीटों के कारण ही सत्ता से दूर हो गई थी, इस बार आलाकमान कोई ऐसी गलती नहीं करना चाहेगा। वसुंधरा राजे की तस्वीर का हर पोस्टर पर होना राजस्थान की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।