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राजस्थान: हिंदुत्व बनाम सॉफ्ट हिंदुत्व के बीच मुकाबला, मंदिर परिक्रमा की लगी होड़
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:06 AM IST
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राहुल और वसुंधरा
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान में इस मुद्दाविहीन चुनाव में भाजपा जोर-शोर से हिंदुत्व को मुद्दा बनाने में जुटी है, वहीं कांग्रेस को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा है। भाजपा ने शुरुआत से ही अपना प्रचार इस तरह डिजाइन किया कि हिंदुत्व एक बड़ा मुद्दा बन सके। अब दोनों ओर से मंदिरों की परिक्रमा जारी है और खुद को हिंदुत्व का बड़ा पैरोकार बताने की पुरजोर कोशिश हो रही है।
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मंदिर-मंदिर पहुंच रहे नेता
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपनी चुनावी राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान प्रदेश के 80 मठों और मंदिरों में पहुंची थीं। वहीं, इस यात्रा के शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राजे के साथ राजसमंद जिले में स्थित चारभुजाजी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद की थी। इस राजनीतिक दबाव के कारण चुनाव में कांग्रेस ने सॉफ्ट हिंदुत्व को अपनाया है। टिकट बंटने के बाद राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी चुनाव प्रचार की शुरुआत पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में व पवित्र सरोवर पर पूजा अर्चना की और गोत्र को लेकर भी जमकर चर्चा हुई। वहीं, कांग्रेस के मुस्लिम नेता भी मंदिरों में जाकर भगवान के चरणों में शीष झुका रहे हैं। अब चुनाव घोषणा पत्र में भी सॉफ्ट हिन्दुत्व की छाया देखने को मिल रही है।
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ऐन वक्त पर भाजपा ने बदली रणनीति
भाजपा और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए प्रदेश में चल रही विपरीत हवाओं के बीच पार्टी के स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के फायरब्रेंड नेता हार्डकोर हिन्दुत्व छवि वाले योगी आदित्यनाथ संघर्ष कर रहे हैं। मोदी, शाह और योगी ने कांग्रेस को एक विशेष समुदाय के हित की सोचने वाली पार्टी बताते हुए लोगों की राष्ट्रवादी और हिंदुत्ववादी भावना को छेड़ा। उनके संघर्ष के कारण अब राजस्थान चुनाव पहले की तरह एकतरफा नजर नहीं आ रहा है। पहले जहां लोगों को गेंद कांग्रेस के पाले में नजर आ रही थी, वहीं अब जनता कड़े मुकाबले की बात करने लगी है। लोगों के मन और बोल बदलने में भाजपा का हिन्दुत्व ही सहारा बना। भाजपा ने रणनीति के तहत ही शुरुआती सूचियों में एक भी मुसलमान प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया और नागौर से विधायक हबीबुर्रहमान का टिकट भी काट दिया। यहां तक कि वसुंधरा राजे के खास माने जाने वाले मंत्री यूनुस खान को भी अंतिम क्षणों में नई सीट टोंक से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के सामने टिकट दी गई।
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