Rajasthan: राजस्थान की राजनीति में फिर गर्माहट, पायलट-गहलोत रार के बीच प्रताप सिंह ने भी दावेदारी ठोकी
कांग्रेस में अभी राजनीतिक रार खत्म नहीं हुई कि मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी अपनी मुख्यमंत्री के पद की दावेदारी ठोक दी है। उन्होंने राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से गर्माहट पैदा कर दी।
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मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपनी मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं के चलते लोगों से अगला चुनाव जिताने की बात कह कर राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से गर्माहट पैदा कर दी। अपने विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बोले कि इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही मुझे निपटाने का प्रयास करेंगे, इसलिए मैं आपसे हाथ जोड़कर और झुककर निवेदन कर रहा हूं कि मैं पंजे पर ही चुनाव लड़ने वाला हूं। यह चुनाव कोई आम चुनाव नहीं होगा क्योंकि इस बार भाजपा और कांग्रेस के विरोधी मुझसे अपनी टसन निकालेंगे, क्योंकि आप जानते हैं कि प्रताप सिंह किसी से आगे झुका नहीं है।
उन्होंने कहा कि सब जानते हैं, नया दौर शुरू होगा। उस दौर में मैं किसी से पीछे नहीं हूं। मुझे राजनीति आती है। मुझे सब जानते हैं। पूरे देश में लोग मुझे जानते हैं। 200 एमएलए हैं। सबको कौन जानता है, लेकिन भगवान की कृपा से मुझे सब जानते हैं। मैं अगर जीता तो राजस्थान की मेन कुर्सी सिविल लाइन के हाथ में होगी, लेकिन आपके बिना नहीं जीत पाऊंगा।
कांग्रेस में कुर्सी जाने का डर
अशोक गहलोत के सामने, मैं बच्चा हूं। उनकी इतनी उम्र है, लेकिन फिर भी मैं स्टैंड लेता हूं। आप मेरी मदद करना। आपकी मदद सिविल लाइन का इतिहास बना सकती है। ये मुझे घेरेंगे, यहीं पटक दो, ऊपर झगड़ा ही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसी ने बीजेपी को वोट दिया हो तो इस बार मेहरबानी करके मुझे ही वोट देना। आप मेरे बारे में पता करवाना। मैं किसी से डरता नहीं हूं। चुनाव जीतने के लिए मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का यह चुनावी प्रचार बगावत है या कोई नया राजनीतिक हथकंडा। यह तो जनता ही तय करेगी परंतु एक बात तय है कि कांग्रेस के विधायकों में कुर्सी जाने का डर है।
खाचरियावास ने कहा मुझे फोन किया। मैं भाग कर आ गया। कोई नहीं आएगा। मेरा नंबर मैंने सबको दे रखा है। चुनाव में मैं सबको नंबर बांट रहा था। मैं फोन नहीं उठाता हूं तो 4 बार करो, मीटिंग में हूं तो बाद में बात कर लूंगा, लेकिन सुन लूंगा जरूर। सच के लिए हमेशा बोलता हूं, मैं परवाह नहीं करता हूं, जहां सच है वहां प्रताप सिंह जरूर खड़ा रहेगा। यह बात याद रखना।