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Hindi News ›   Rajasthan ›   Power Crisis in Rajasthan 16000 MW maximum demand due to lack of monsoon one and a half hour power cut

राजस्थान में पावर क्राइसिस: मानसून की कमी से 16000 मेगावाट अधिकतम डिमांड, एक से डेढ़ घंटे तक काटी जाएगी बिजली

Fri, 11 Aug 2023 09:29 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 11 Aug 2023 09:29 PM IST
सार

राजस्थान में मॉनसून की कमी के कारण बिजली की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उपलब्धता के अनुसार बिजली आपूर्ती व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय बिजली डिस्कॉम्स ने किया है। शहरी इलाकों में घोषित कटौती के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी 1 से डेढ़ घंटे की बिजली कटौती रात को होगी।

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Power Crisis in Rajasthan 16000 MW maximum demand due to lack of monsoon one and a half hour power cut
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मॉनसून की कमी के कारण राजस्थान में भी अन्य राज्यों की तरह बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इस कारण पावर क्राइसिस पैदा हो गया है। बिजली की लगातार बढती मांग के कारण से बिजली उपलब्धता में राष्ट्रीय स्तर पर कमी हो गई है और बिजली उपलब्धता के लिए सभी राज्यों की एनर्जी एक्सचेंज पर निर्भरता बढ़ गई है। एनर्जी एक्सचेंज पर निर्भरता बढ़ने के कारण एक्सचेंज से पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाने की वजह से बिजली आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है।

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16 हजार मेगावाट से ज्यादा हुई बिजली की अधिकतम डिमांड
प्रिंसिपल सेक्रेटरी एनर्जी और चेयरमैन डिस्कॉम्स भास्कर ए. सावंत ने बताया कि राज्य में वर्तमान में बिजली की औसत खपत 3000 लाख यूनिट प्रतिदिन से भी ज्यादा हो गई है। बिजली की अधिकतम मांग करीब 16000 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 2 लाख 5 हजार 977 मेगावाट तक दर्ज हुई है।
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2280 मेगावाट से ज्यादा पावर प्लांट यूनिट्स ठप
चेयरमैन डिस्कॉम्स भास्कर ए. सावंत ने बताया कि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL) की छबड़ा थर्मल पावर प्लांट की 2 यूनिट्स 910 वार्षिक रखरखाव के लिए बन्द हैं। इसके अलावा कोटा थर्मल पावर प्लांट की एक 210 मेगावाट पावर यूनिट, सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट की 2 यूनिट्स 910 मेगावाट और छबड़ा थर्मल पावर प्लांट की एक 250 मेगावाट यूनिट्स अचानक तकनीकी खराबी आने की वजह से बन्द हैं। जो सभंवतया 13 से 15 अगस्त तक बिजली प्रोडक्शन शुरू कर पाएंगी।
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विंड एनर्जी प्रोडक्शन में भी लगभग 38 प्रतिशत की कमी
इसके साथ ही देश के दक्षिणी राज्यों में स्थित महत्वपूर्ण तापीय संयंत्र जैसे कूडगी, कोस्टल एनर्जी, वेल्लारी की कुछ यूनिट्स बंद हैं और विंड एनर्जी के उत्पादन में भी लगभग 38 प्रतिशत की कमी आई है।


शहरी क्षेत्रों में घोषित कटौती, गांवों में रात को 1 से डेढ़ घंटे का पावर कट संभावित
भास्कर ए सावंत ने बताया कि मानसून में कमी की वजह से बिजकी की बढती मांग और कुछ यूनिट्स बन्द होने और पवन ऊर्जा के उत्पादन में कमी और एक्सचेंज से पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाने की वजह से राज्य में बिजली सप्लाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगामी सप्ताह में इंडस्ट्रियल, नगर पालिका क्षेत्र और जिला मुख्यालय पर घोषित कटौती के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषकर रात के समय एक से डेढ़ घंटे की बिजली कटौती संभावित है। उन्होंने बताया कि बिजली की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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