Politics: राजस्थान विधानसभा चुनाव में गुजरात फॉर्म्यूला अपनाएगी बीजेपी, 20 लाख कार्यकर्ता निभाएंगे ये भूमिका
राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी गुजरात जिताने वाला माइक्रो मैनेजमेंट फॉर्म्यूला अपनाएगी। बूथ के माइक्रो मैनेजमेंट और पन्ना प्रमुख अभियान में 20 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता लगेंगे। 2 करोड़ से ज्यादा प्रवासियों को पार्टी साधेगी।
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नए साल की शुरुआत के साथ ही राजस्थान में बीजेपी चुनावी बिगुल फूंकने की तैयारी में जुट गई है। इस साल नवंबर के आखिर में विधानसभा चुनाव होने सम्भावित हैं। पड़ोसी राज्य गुजरात में जिस माइक्रो मैनेजमेंट के आधार पर बीजेपी ने विधानसभा चुनाव जीता है। कांग्रेस पार्टी को करारी शिकस्त दी है। उसी फॉर्म्यूले को राजस्थान में भी पार्टी लागू करेगी। इसमें करीब 11 लाख बूथ कमेटी सदस्य और साढ़े 10 लाख पन्ना प्रमुख बड़ी भूमिका निभाएंगे। बूथ कमेटियां लगभग पूरी बनकर तैयार हो चुकी हैं। पन्ना प्रमुखों की नियुक्तियों पर तेजी से काम चल रहा है।
10 लाख 92 हजार बूथ कमेटी सदस्य होंगे
- राजस्थान में कुल बूथ संख्या- 52 हजार
- हर बूथ पर बूथ कमेटी में सदस्य - 21
- कुल बूथ कमेटी सदस्य-10 लाख 92 हजार
10 लाख 40 हजार पन्ना प्रमुख तैनात होंगे
प्रदेश में बूथ मैनेजमेंट के साथ पन्ना प्रमुख मैनेजमेंट भी बीजेपी कर रही है। पन्ना वोटर लिस्ट का एक पेज होता है। जिसमें 30 लोगों के नाम होते हैं। एक पन्ने के आगे 30 और पीछे 30 नाम यानी कुल 60 वोटरों को साधने का जिम्मा पन्ना प्रमुखों को मिलेगा। हर बूथ पर 20 पन्ना प्रमुख लगाए जाएंगे। 52 हजार बूथों पर कुल 10 लाख 40 हजार पन्ना प्रमुख तैनात रहेंगे।
राजस्थान में बीजेपी का पन्ना प्रमुख मैनेजमेंट
- प्रत्येक बूथ पर वोटर संख्या-1200
- एक पन्ने में वोटर संख्या-30
- पन्ने के आगे-पीछे वोटर संख्या- 60
- हर बूथ पर पन्ना प्रमुख -20
- हर पन्ना प्रमुख को वोटर का जिम्मा- 60
- 52000 बूथों पर पन्ना प्रमुख -10 लाख 40 हजार
पन्ना कमेटी भी बनाई जाएगी
पन्ना प्रमुख से आगे बढ़कर अब पन्ना कमेटी भी बनाई जाएगी। इसे बड़े माइक्रो मैनेजमेंट के आधार पर देखा जा रहा है। जिसमें हर पन्ने पर पन्ना प्रमुख के साथ 5 सदस्य होंगे। जो पन्ने के वोटर्स को साधने के लिए पन्ना प्रमुख के नेतृत्व में चुनाव से पहले वोटर्स को साधने का काम करेंगे। हर पन्ना कमेटी सदस्य को अपने परिवार से भी 3-3 वोट बीजेपी के पक्ष में चुनाव में डलवाने का टास्क दिया जाएगा।
2 करोड़ से ज्यादा प्रवासियों को साधने की तैयारी
भारत सहित विदेशों में 2 करोड़ से ज्यादा प्रवासी राजस्थानी रहते हैं। बिजनेस, नौकरी, पढ़ाई के सिलसिले में ये मोटे तौर पर अलग-अलग 50 से ज्यादा देशों में रह रहे हैं। जबकि बड़ी तादाद में स्टूडेंट्स एजुकेशन के लिए विदेशों के यूनिवर्सिटी-कॉलेज में पढ़ रहे हैं। इन्हें साधने के लिए बीजेपी का प्रवासी प्रकोष्ठ एक्टिव हो गया है। जिसे नॉन रेसीडेंट इंडियन (एनआरआई) और नॉन रेसीडेंट राजस्थानी (एनआरआर) को बीजेपी के पक्ष में वोट कास्ट करवाने का टास्क दिया गया है।
जयपुर में 8 जनवरी को जुटेंगे देश-विदेश के 250 प्रतिनिधि
बीजेपी प्रवासी प्रकोष्ठ की वर्कशॉप 8 जनवरी को जयपुर में होगी। जिसे पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया संबोधित करेंगे। प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, सांसद रामचरण बोहरा, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, प्रवासी प्रकोष्ठ प्रभारी पंकज गुप्ता और जयपुर शहर जिलाध्यक्ष राघव शर्मा भी मौजूद रहेंगे। इसमें देश विदेश के 250 प्रतिनिधि कॉर्डिनेटर हिस्सा लेंगे। प्रवासी राजस्थानियों के स्वागत-सम्मान की तैयारियों को लेकर 20 कमेटियां बनाई गई हैं।
विधानसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में वोटिंग कराने का टास्क
भाजपा प्रवासी प्रकोष्ठ राजस्थान के प्रदेश संयोजक राजू मंगोड़ीवाला ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर कार्यशाला में मंथन किया जाएगा। साथ ही चुनाव में ज्यादा से ज्यादा प्रवासियों के नाम वोटर लिस्ट में चेक करवाकर जुड़वाने और वोट-कास्ट करवाने की स्ट्रैटेजी तैयार की जाएगी। इसमें वर्कशॉप में देश-विदेश के कॉर्डिनेटर जुटेंगे। जयपुर के इन्द्रलोक भट्टारक जी की नसियां में बैंकॉक, जापान, जर्मनी, नेपाल समेत कई देशों से कॉर्डिनेटर आएंगे। भारत में महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू समेत कई जगहों से चुनिंदा 250 प्रतिनिधि भाग लेंगे। साथ ही प्रवासी प्रकोष्ठ के सभी प्रदेश कार्यकारणी सदस्य, जिला कॉर्डिनेटर और को-कॉर्डिनेटर भी मौजूद रहेंगे।