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Rajasthan: पीएम मोदी 28 को आएंगे मालासेरी, ये गुर्जर समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल, जानें क्या है खास

Sun, 15 Jan 2023 08:19 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Sun, 15 Jan 2023 08:19 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 जनवरी राजस्थान आ सकते हैं। भगवान देवनारायण की जयंती के मौके पर उनका कार्यक्रम मालासेरी के लिए प्रस्तावित है। ये भगवान देवनारायण जी का जन्म स्थान है, जो भीलवाड़ा जिले के आसींद विधानसभा में है।

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PM Narendra Modi Rajasthan visit on January 28 Lord Devnarayan Birth place Malaseri in Bhilwara
गुर्जर समाज के प्रमुख तीर्थ स्थल मालासेरी आएंगे पीएम मोदी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भीलवाड़ा स्थित मालासेरी में आने का प्रस्तावित कार्यक्रम  चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, अभी तक अधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है, लेकिन गुर्जर समाज, भाजपा संगठन और स्थानीय प्रशासन की ओर से पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।  हो गयी है। 28 जनवरी  को भगवान देवनारायण की जयंती है। इस दिन पीएम मोदी के मालासेरी आने की चर्चा है। मालासेरी गुर्जर समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल है। इस कारण देश भर के गुर्जर समाज में पीएम के कार्यक्रम को लेकर चर्चा हो रही है।   

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गुर्जर समाज के आराध्या भगवान देवनारायण 
लोक देवता भगवान देवनारायण जी का जन्म भीलवाड़ा जिले की आसींद तहसील के मालासेरी गांव में बगड़ावत कुल के नागवंशीय गुर्जर परिवार में हुआ था। इनकी जन्म तिथि को लेकर अलग-अलग मत है, लेकिन तत्कालीन राजवंशों, प्रमाणों और कथाओं के अनुसार उनका जन्म विक्रम संवत 1097 की माघ शुक्ल सप्तमी को माना जाता है।
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इतिहासकार महावीर पुरोहित बताते हैं कि बगड़ावतों को चौहान शासकों ने आसींद से अजमेर के मसूदा तक खारी नदी के आसपास की गोठा की जागिर दी गई थी। जहां बगड़ावत वंश एकता और वीरता के प्रतीक बन गए। इस कुल में पहले राजपुरूष हरिराव थे। जिनके पुत्र बाघराव की 12 रानियां और 24 बेटे थे। इनके पुत्र ही पहले बाघ रावत और बाद में बगड़ावत कहलाए। इनमें सवाई भोज उर्फ भोजा बड़े वीर थे जो भिनाय के शासक दुर्जनसाल से युद्ध करते हुए अपने 23 भाइयों सहित वीर गति को प्राप्त हो गए थे।
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इसी काल में उनकी पत्नी सोढी खटानी ने दिव्य पुत्र देवनारायण को जन्म दिया। जिनका प्रारंभिक नाम उदयसिंह उर्फ ऊदल था। ‘मारवाड़ राज की पर्दुशमारी रिपोर्ट’ तथा बीकानेर संग्रहालय में संरक्षित ग्रंथ ‘अथ वात देवजी बगड़ावत री’ के अनुसार मां ने दुर्जनसाल के खतरे को देखते हुए ऊदल को अपने पीहर देवास-मालवा में पाला। यहीं अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा लेने के साथ उन्होंने उज्जैन के क्षिप्रा नदी के किनारे सिद्धवट में साधना कर तंत्र-मंत्र और आयुर्वेद का ज्ञान हासिल किया। 

PM Narendra Modi Rajasthan visit on January 28 Lord Devnarayan Birth place Malaseri in Bhilwara
प्रसाद में मिलती है ये रोटी। - फोटो : अमर उजाला

मालासेरी का प्रसाद भी है खास  
भगवान श्री देवनारायण जी के मंदिर से कई खास चीजें जुड़ी हुई है। जिसमें सबसे अहम है यहां भक्तों को मिलने वाला प्रसाद। यह कोई मिठाई नहीं बल्कि एक विशेष प्रकार की गेहू की चपाती (रोटी) है। अपने आकार वजन के कारण इस रोटी को भक्त भी आनंद के साथ प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। सालों से मंदिर इस परंपरा को निभा रहा है। जहां भगवान के भोग बाद सुबह 9 बजे से लेकर रात 9 बजे तक भक्तों को इसे प्रसाद के रूप में दिया जाता है। देवनारायण जन्म स्थली पर आए देव भक्तों को प्रसाद के रूप में हमेशा चूल्हे पर बनी गेहूं की चपाती और गरम-गरम खड्डी परोसी जाती है। ये चपाती सामान्य चपाती से बिल्कुल अलग है। ये गोलाकार में 2 फीट और मोटाई में आधा इंच की होती है। एक चपाती का वजन 4 किलो होता है।  इसे चूल्हे पर बनाया जाता है। 

इस तरह बनाया जाता है अनोखा प्रसाद
भगवान श्री देवनारायण की जन्म स्थली परिसर में स्थित भोजन शाला में चपाती बनाने से पहले मशीन द्वारा आटा लगाया जाता है। भोजन शाला में बनी एक भट्टी पर एक बड़ा चद्दर नुमा लोहे का तवा रखा हुआ है। जिसमें रसोईया बड़ी चपाती बनाता है। भोजन शाला में बनने वाले प्रसाद की देखरेख की जिम्मेदारी चुन्नीलाल के पास है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 साल से सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक भोजनशाला चालू रहती है। यहां बनी पहली चपाती का भगवान श्री देवनारायण के भोग लगाने के बाद लोगों को खिलाया जाता है। हर दिन यहां हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। 

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भाजपा ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर शुरू की तैयारी। - फोटो : अमर उजाला

पीएम के दौरे को लेकर भाजपा नेता जुटे तैयारियों में
देवनारायण जन्म स्थली के पुजारी हेमराज पोसवाल समेत भाजपा नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी को श्री देवनारायण जन्म स्थली आने का निमंत्रण भेजा है। पुजारी हेमराज पोसवाल ने बताया कि 22 से 28 जनवरी तक यहां पंचकुंडीय महायज्ञ और मुख्य मंदिर में कलश की पुर्नस्थापना होनी है। इसके समापन मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण दिया गया है।
 
भाजपा जिला अध्यक्ष लादूलाल तेली ने बताया कि प्रदेश संगठन स्तर के निर्देशों के अनुरूप मालासेरी में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्रीय मंत्री अर्जुन लाल मेघवाल दौरा कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर तैयारियों करने निर्देश दे चुके हैं। पीएम मोदी के मोदी दौरे को लेकर अन्य तैयारियां भी की जा रही हैं।   

राजस्थान की राजनीति पर क्या असर होगा? 
गुर्जर समाज का राजस्थान में विधानसभा की 60 सीटों पर दबदबा है। ये 10 सीटों पर हार-जीत का फैसला करने की स्थिति में है। शेष 50 सीटों पर 15 हजार से 20 हजार की आबादी है। कहा जाता है कि प्रदेश का गुर्जर समाज एक जुट होकर वोट करता है। चुनावी साल में पीएम मोदी का गुर्जर समाज के धार्मिक स्थल पर आना सियासी संकेत भी दे रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी उनके दौरे को लेकर चर्चा है।

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