Rajasthan: पीसीसी चीफ डोटासरा पर 50 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप, धरने पर बैठा किसान परिवार
परिवार ने गोविंद डोटासरा को घोटाले के मास्टरमाइंड बताया है। इसको लेकर उन्होंने ज्ञापन सौंपकर सीबीआई जांच की मांग की है।
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर एक किसान परिवार ने 50 करोड़ रुपए कीमत की जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। जिसके विरोध में किसान के पूरा परिवार सीकर कलेक्ट्रेट पर अनिश्चतकालीन धरने पर बैठ गया है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार डोटासरा के खिलाफ परिवार बैनर और तख्तियां लेकर धरने पर बैठा है। परिवार का आरोप है कि जमीन घोटाला कर डोटासरा ने पुलिस कार्रवाई की धमकी दी थी। अब परिवार को जान से मारने की भी धमकी मिल रही है। इसको लेकर किसान परिवार ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जमीन घोटाले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है।
कटराथल निवासी विमलेश देवी खीचड़ ने बताया कि उसकी कटराथल में पंडित दीनदयालय उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के पास करीब साढ़े ग्यारह बीघा जमीन है। जिसकी डीएलसी दर आठ और बाजार मूल्य करीब 50 करोड़ रुपये हैं। जमीन को ससुर मोहनलाल खीचड़ ने बेटे को दी थी।
आरोप है कि इस जमीन को पड़ोसी राकेश ने गाय भैंसों का लोन दिलाने के नाम पर परिवार के खाली स्टांप पर हस्ताक्षर करवाकर फर्जी रजिस्ट्री करवा ली। जिस पर शीशराम, सुल्तान आदि ने एक करोड़ 70 लाख रुपये का लोन ले लिया। जिसे ओवरड्यू करवाकर आरोपियों ने उन्हें बैंक की कुर्की का डर दिखाया। जबकि उस राशि का एक रुपया भी बेटे हरदम या पति महिपाल सिंह को भुगतान नहीं किया गया। बाद में आरोपी उसके पति और बेटे को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा के पास ले गये। जहां डोटासरा ने भी कुछ दिनों के लिए जमीन उनके नाम करने की बात कही।
इसके बाद में आरोपियों ने जमीन डोटासरा की पुत्रवुध मोनिका, भादवासी निवासी शीशराम, जेरठी निवासी, कोटड़ी धायलान निवासी मंजू देवी व कुड़ली निवासी मनोज आर्य के नाम कर दी गई। जिसके बाद से उसका परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। परिवार ने आरोप लगाया कि घोटाले में मास्टर माइंड की भूमिका में डोटासरा ही है। कलेक्टर को दिए ज्ञापन में परिवार ने जमीन से करीब दस लाख रुपये की मिट्टी बेचने का आरोप भी लगाया है।