Nagaur: एसीबी की कार्रवाई, जिला परिषद का बाबू और सहयोगी 94 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
नागौर जिला परिषद के कनिष्ठ सहायक ने प्रस्तावों को स्वीकृत कराने के लिए रिश्वत की मांग की थी। आरोपी एक लाख नब्बे हजार की मांग कर रहा था।
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नागौर में पाली एसीबी ने जिला परिषद में चल रहे रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश किया है। एसीबी ने टिकट दिलाने के नाम पर 94 हजार की रिश्वत लेते जिला परिषद के बाबू और साथी विरेंद्र सांगवा को गिरफ्तार किया है। वहीं एक आरोपी मौके से भाग निकला।
पाली के एसपी महिपाल चौधरी ने बताया कि परिवादी रमेश पाल पुत्र अमर सिंह निवासी हरियाणा ने परिवाद दायर किया था। जिसमें उसने बताया कि नागौर जिले की एक पंचायत के विकास कार्य के ग्राम पंचायत द्वारा जिला परिषद नागौर में भेजे गए प्रस्तावों की वित्तीय स्वीकृति निकलवाने के लिए जिला परिषद के नरेगा शाखा में कार्यरत कनिष्ठ सहायक सुरेश कुमार रिश्वत मांग रहा है। आरोपी द्वारा 2 फीसदी राशि के हिसाब से एक लाख 90 हजार रुपए की मांग रिश्वत की जा रही है।
एसीबी ने आठ मार्च को ही मामले का सत्यापन कर लिया था लेकिन आरोपी बाबू सुरेश कुमार शातिर तरीके से परिवादी को अटकाता रहा। बुधवार देर शाम को परिवादी से आरोपी बाबू सुरेश कुमार ने अब तक जिन कार्यों की स्वीकृति मिली थी, उनके दो प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत राशि 94 हजार रुपये ली थी। इसी दौरान आरोपी एसीबी की टीम पहुंची तो आरोपी बाबू ने अपने मित्र वीरेंद्र सांगवा की स्कॉर्पियो में रिश्वत राशि सीट के नीचे डाल दी, जहां से एसीबी ने रुपए बरामद कर आरोपी सुरेश कुमार और सहयोगी वीरेंद्र सांगवा को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसका साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।