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मेट्रो के लिए हटेगा डेढ़ सौ साल पुराना मंदिर

Wed, 05 Aug 2015 11:50 AM IST
Updated Wed, 05 Aug 2015 11:50 AM IST
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one hundred years old temple will remove for metro project

राजस्थान में भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार ने एक बार फिर मंदिर को लेकर आरएसएस समेत कई हिंदूवादी संगठनों के विरोध का सामना करने की तैयारी कर ली है। दो साल में 65 मंदिर तोड़ने के बाद पिछले महीने चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराने के बाद हिंदू संगठन राजे से फिर नाराज हैं।

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मेट्रो परियोजना के तहत एक और 150 साल पुराने मंदिर को हटाने का नोटिस जारी किया गया है। वहीं, मंदिर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट होकर सरकार के खिलाफ फिर खड़े होने को लेकर बैठकें शुरू हो गई हैं।
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मेट्रो प्रशासन भी इस पुराने मंदिर के साथ मेट्रो के रास्ते में आने वाले छोटे-छोटे करीब आधा दर्जन गणेशजी, शिवजी, हनुमानजी के मंदिर तोड़ने की तैयारी में है।
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मेट्रो और यातायात सुगम करने के नाम पर दो साल में तोड़े गए 65 में से 23 मंदिर काफी पुराने थे। खासकर रोजगारेश्वर मंदिर 250 साल पुराना था। मेट्रो प्रशासन ने फिर बड़ी चौपड़ पर स्थित 150 साल पुराना गौरीशंकर महादेव मंदिर हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।

यह मंदिर अभी पुराने स्वरूप में ही है। जयपुर की स्थापना स्थापत्य और वास्तु के आधार पर की गई है। इसी के आधार पर छोटी चौपड़ पर रोजगारेश्वर मंदिर बनाया तो ठीक उसी की सीध में बड़ी चौपड़ पर गौरीशंकर महादेव मंदिर बना।

हिंदू संगठनों ने राजे सरकार के खिलाफ बनाई रणनीति

one hundred years old temple will remove for metro project

उधर, मंदिर बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक बद्रीनारायण चौधरी ने बताया कि मंदिर बचाने और सरकार के साथ पिछले समझौते के बाद फिर ऐसे कदम के खिलाफ रणनीति को लेकर बैठकें शुरू हो गई हैं।

समिति हर कदम उठाने को तैयार है। इसके अलावा विहिप ने भी हालात पर मंथन के लिए बैठक बुलाई है। पिछले समझौते के तहत सरकार ने 13 मंदिरों को दोबारा स्थापित करने का निर्णय लिया था।

मामले में मेट्रो प्रोजेक्ट निदेशक अश्वनी सक्सेना का कहना है कि छोटी चौपड़ पर रोजगारेश्वर महादेव मंदिर वाली जगह पर की गई खुदाई की तर्ज पर बड़ी चौपड़ पर भी खुदाई करनी पडे़गी। मंदिर के स्थान पर बड़ी चौपड़ अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बॉक्स के लिए गड्ढा खोदना पड़ेगा।

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