राजस्थान एसओजी ने आईएसआईएस को पैसे भेजने वाले नेटवर्क का किया खुलासा
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राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने प्रतिबंधित आतंकी सगठन आईएसआईएस को पैसे भेजने वाले एक नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में चार फरवरी को चेन्नई से पकडे गए आईएस ऑपरेटिव मोहम्मद इकबाल को राजस्थान पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश कर चार दिन की रिमांड पर लिया है।
राजस्थान आतंकवादी निरोधक दस्ते (एटीएस) के अतिरिक्त महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि राजस्थान के सीकर से पिछले वर्ष नवम्बर में आईएस ऑपरेटिव जमील अहमद को पकडा गया था। जमील अहमद दुबई में रहता था और वहां से आईएसआईएस को पैसा भेजता था, लेकिन हमारे सामने यह सवाल बना हुआ था कि इसे भारत में मदद कहां से मिलती है।
इसी से पूछताछ में सामने आया कि यह ट्रेवल हक नाम के व्यक्ति से लगातार सम्पर्क में था और यह सामने आया कि यह ट्रेवल हक ही भारत से पैसा इकट्ठा कर हवाला के जरिए जमील अहमद को दुबई भेजता था और जमील अहमद वहां से इसे टर्की, बोस्निया, लेबनान आदि देशो में सक्रिय प्रतिबंधित आतंकी संगठनों को भिजवाता था।
राजस्थान एसओजी ने चार फरवरी को इस ट्रेवल हक को चेन्नई से पकडा था।
पूछताछ में सामने आया कि इसका असली नाम मोहम्मद इकबाल है और यह तमिलनाडु का ही रहने वाला है। इसे तीन अन्य लोगों और सोने की बीस सिल्लियों के साथ पकडा गया था। इसे पूछताछ के लिए जयपुर लाया गया।
कई बार भेजा था पैसा
उमेश मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में इकबाल ने स्वीकार किया कि वह आईएसआईएस से सहानुभूति रखता था और इसने कई बार हवाला तथा चीन के रास्ते जमील अहमद को पैसा भिजवाया। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह जमील अहमद ही नहीं बल्कि आईएस के अन्य लडाको जैसे अबू साद सूडानी, अबू ओसाम उस सोमाली आदि के भी सम्पर्क में था।
मिश्रा ने बताया कि इकबाल ने भारत में रह कर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधित आतंकी संगठन की मदद की है और इसी आरोप में उसे गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब पूछताछ कर यह पता किया जाएगा कि भारत में इसने किन लोगों से और कैसे पैसा इकट्ठा किया। यह भी पता किया जाएगा कि यह कितनी बार विदेश गया और किन देशों की यात्राएं की। इस पूछताछ में कुछ और कडियों के मिलने की सम्भावना है।