फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Need to implement Ranthambore model in Sariska Tiger Reserve Martin president Wilderness Foundation Global

Alwar: सरिस्का में रणथम्भौर मॉडल लागू करने की जरूरत, वाइल्डरनेस फाउंडेशन ग्लोबल के अध्यक्ष बोले-सरकार ध्यान दे

Fri, 11 Aug 2023 08:30 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 11 Aug 2023 08:30 PM IST
सार

वाइल्डरनेस फाउंडेशन ग्लोबल के अध्यक्ष वेंस मार्टिन ने कहा कि सरिस्का बाघ अभयारण्य में रणथंभौर मॉडल लागू करने की जरूरत है। बाघों के विस्तार के लिए यह एक अच्छी जगह है, यहां काफी संख्या में बाघ रह सकते हैं।

विज्ञापन
Need to implement Ranthambore model in Sariska Tiger Reserve Martin president Wilderness Foundation Global
वाइल्डरनेस फाउंडेशन ग्लोबल के अध्यक्ष वेंस मार्टिन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभ्यारण वन्यजीवों के लिए काफी मुफीद है। अगर, सरकार अपने संरक्षण में सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे तो बाघों और पर्यटकों के लिए यह एक अच्छा स्थान बन सकता है। ये बात वाइल्डरनेस फाउंडेशन ग्लोबल (डब्ल्यूएफजी) के अध्यक्ष वेंस मार्टिन ने कही।

विज्ञापन


वाइल्डरनेस फाउंडेशन ग्लोबल (डब्ल्यूएफजी) के अध्यक्ष वेंस मार्टिन ने अलवर दौरे पर सरिस्का में भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि सरिस्का बाघ अभयारण्य में रणथंभौर मॉडल लागू करने की जरूरत है। इसके लिए राजस्थान के मुख्य वन्यजीव वार्डन की अनुमति की आवश्यकता है। उन्होंने सरिस्का में अधिक सुरक्षा के साथ पर्यटकों के लिए अभ्यारण में और अधिक क्षेत्र खोलने की भी वकालत की। 
विज्ञापन


मार्टिन ने कहा कि सरिस्का बाघों के विस्तार के लिए एक अच्छी जगह है। यहां काफी संख्या में बाघ रह सकते हैं। मुझे लगता है कि पार्क शानदार है और गावों को सही तरीके से स्थानांतरित करने की कोशिश की जा रही है। बारिश के कारण बाघों का निवास स्थान बहुत हरा-भरा है। वेंस मार्टिन ने सरिस्का की तारीफ करते हुए कहा कि यहां आकर मुझे बहुत अच्छा अनुभव हुआ है। दोबारा आने के लिए भी मैं इंतजार नहीं कर सकता। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सरिस्का बेहतर बाघ निवास स्थान कैसे बनेगा, इसे लेकर मार्टिन ने कहा कि यहां अधिक जोन खोलने की जरूरत है। रणथंभौर मॉडल ने साबित कर दिया है कि आपको जितना संभव हो उतने जोन खोलने चाहिए। इससे अधिक गश्त, अधिक सुरक्षा, पर्यटकों का आनंद और जुड़ाव सुनिश्चित होगा।


जुलाई से सितंबर तक बंद रहता है सरिस्का
सरिस्का हर साल जुलाई से सितंबर तक बंद रहता है। जिसके कारण पांडुपोल में श्री हनुमान मंदिर में भक्तों को मंगलवार और शनिवार को ही प्रवेश की अनुमति मिलती है। वहीं, रणथंभौर में पर्यटकों के लिए 1 जोन हमेशा खुला रहता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस मॉडल को सरिस्का में भी दोहराया जाना चाहिए। सरिस्का के उप क्षेत्र निदेशक, डीपी जगावत ने बताया कि जुलाई से सितंबर तक सरिस्का का वार्षिक बंद होना एक लंबे समय से चला आ रहा सिस्टम है। वे सरिस्का में 1 क्षेत्र को खुला रखने में बहुत खुश होंगे। जैसा कि रणथंभौर में होता है। पिछले दो साल से सरिस्का शहर के पास बाला किला क्षेत्र में पर्यटकों के लिए बफर जोन खुला रख रहा है। यह क्षेत्र वर्तमान में 2 वयस्क बाघों और 4 शावकों का घर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed