Rajasthan News: किरोड़ीलाल मीणा का पेपर लीक मामले पर धरना, मौके पर पहुंचा भारी पुलिसबल, समर्थकों ने लगाए नारे
सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री शायद इसलिए नहीं जांच नहीं चाहते, क्योंकि इसमें उनके कई सहयोगी एमएलए, मंत्री, सीएमओ तक के अधिकारी और कुछ ऐसे सरगना पकड़े जाएंगे, तो सरकार की पूरी पोल खुलेगी। हो सकता है सरकार धराशायी हो जाए। इसलिए मुख्यमंत्री ये नहीं चाहते कि सीबीआई का फंदा वो अपने गले में डालें।
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बीजेपी सांसद डॉ. किरोडी लाल मीणा के धरनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया है। उनके समर्थकों को आशंका है कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। इसलिए वे पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जा रही है। राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा मंगलवार को पेपर लीक मामले को लेकर जयपुर में धरने पर बैठे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के कहने पर ही पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग पर धरने पर बैठा हूं। हजारों बेरोजगारों को हम जयपुर लेकर आए थे। उद्देश्य तो विधानसभा का घेराव करना था। लेकिन सरकार ने उलटे हमारा ही पुलिस से घेराव करवा दिया। जहां हमें घेरा वहीं पर हम धरने पर बैठ गए।
सांसद किरोड़ीलाल ने कहा कि पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने कांग्रेस के चुनावी जन घोषणा पत्र में किसानों और बेरोजगारों की भी बात डाली थी। वे सभाओं में बोल गए हैं कि किस जादूगरी से पेपर लीक हुआ। राजेंद्र गुढ़ा भी बोले हैं। कांग्रेस विधायक हरीश मीणा भी यहां मेरे धरने पर आए थे। परदे के पीछे बहुत से कांग्रेस वालों में इस बात का असंतोष है, वो भी चाहते हैं पेपर लीक का यह मामला बहुत गंभीर बन गया है, इसलिए इसकी गहराई से जांच हो। 50 लाख बच्चों के भविष्य का मामला है। इसलिए इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
'मुख्यमंत्री नहीं चाहते कि सीबीआई का फंदा गले में डालें'
सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री शायद इसलिए नहीं जांच नहीं चाहते, क्योंकि इसमें उनके कई सहयोगी एमएलए, मंत्री, सीएमओ तक के अधिकारी और कुछ ऐसे सरगना पकड़े जाएंगे, तो सरकार की पूरी पोल खुलेगी। हो सकता है सरकार धराशायी हो जाए। इसलिए मुख्यमंत्री ये नहीं चाहते कि सीबीआई का फंदा वो अपने गले में डालें।
'मेरी पत्रकार वार्ता के दो दिन बाद मुख्य सरगना विदेश भाग गए'
सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने पेपर लीक के मास्टर माइंड माने जा रहे भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका के फरार होने पर कहा कि मैंने पत्रकार वार्ता कर कहा था कि वो भाग सकते हैं और उसके दो दिन बाद ही वे भाग गए। कहा जा रहा है कि वे विदेश चले गए। अधिगम कोचिंग की मालिक सुरेश ढाका की उनकी भाभी भगवती को आज तक पुलिस ने नहीं पकड़ा। उनके पिता कहते हैं कि उनकी कोई प्रॉपर्टी नहीं है, वह सरपंच हैं। उन्होंने भी बहुत से लोगों को पेपर पढ़ाया, उनसे भी पुलिस ने पूछताछ नहीं की।
किरोड़ीलाल ने कहा कि मैंने आरपीएससी के व्यक्ति का नाम बताया, उससे पूछताछ नहीं हुई। सुरेश ढाका की प्रेमिका से भी नहीं पूछा जा रहा। यह आई वॉश राजस्थान की पुलिस का है। इसलिए है क्योंकि राजस्थान के सीएम ने कह दिया कि हमारा कोई अधिकारी और कोई नेता इसमें शामिल नहीं है। राज्य सरकार की एजेंसी पुलिस फिर कैसे जांच कर सकती है, जब मुखिया ही जांच अधिकारी बन गया और क्लीन चिट दे रहा है। लेकिन फिर भी हमें थोड़ा भरोसा इसलिए हो रहा है कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रंधावा आए और कह गए कि क्लीन चिट का कोई सवाल ही नहीं उठता। जो दोषी हैं, उन्हें सलाखों के पीछे डालेंगे।
खुद गृह राज्यमंत्री राजेंद्र यादव यहां मेरे धरने पर आए थे। उन्होंने कहा कौन-कौन से मामले की जांच नहीं की, वो मुझे लिखकर दे दो। मैंने आरएएस, कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर, रीट और सेकेंड ग्रेड का उनको लिखकर दे दिया। सारे सबूत और जिन-जिन लोगों को दायरे में लाना चाहिए था, लेकिन पुलिस नहीं लाई, वो मैंने उन्हें दे दिए।
'चिंता है पीएम मोदी की रैली में ग्राउंड कम नहीं पड़ जाए'
सांसद मीणा ने कहा कि दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन का 12 फरवरी को प्रोग्राम तय हुआ है। उसमें पीएम नरेंद्र मोदी आएंगे। हमको चिंता यह लग रही है कि ग्राउंड कहीं कम न पड़ जाए, बेशुमार भीड़ होगी। ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट ( ईआरसीपी) के 13 जिलों से लोग आएंगे और भरपूर भीड़ पीएम की सभा में आएगी। पीएम की रैली जोरदार होगी। धरना स्थल से भी बड़ी संख्या की व्यवस्था करेंगे। पूरी पार्टी लगेगी, मैं क्या हूं। अध्यक्ष और पूरी पार्टी लगे हुए हैं। बीजेपी युवा मोर्चा अध्यक्ष भी लगे हैं। मीडिया ने उनसे पूछा कि आप धरने पर बैठे रहेंगे तो भीड़ कैसे जुटाएंगे? सवाल के जवाब में किरोड़ीलाल ने कहा कि मेरे पास गहलोत साहब की तरह जादू की छड़ी है। उससे भीड़ जुटाएंगे।
'पेपर लीक के मुद्दे को हम जिंदा रखेंगे'
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा, जयपुर शहर अध्यक्ष राघव शर्मा, एसटी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र मीणा और बाद में विधायक नरपत सिंह राजवी भी डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के धरना स्थल पर समर्थन देने पहुंचे।
सतीश पूनिया ने कहा कि सदन में आज फिर से हमने स्थगन लगाया जिसे स्पीकर ने अस्वीकार किया है। लेकिन पेपर लीक के मुद्दे को हम जिंदा रखेंगे। हमने युवा मोर्चा को कहा है कि जिलों में नौजवानों को इकट्ठा करके बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन करें। आज नहीं तो कल या परसो परिणाम मिलेगा और ये संघर्ष बेकार नहीं जाएगा।
'कांग्रेस का नकाब उतर गया, नौजवान अब समझ गए'
सतीश पूनिया ने आगे कहा कि कांग्रेस की मौजूदा सरकार इतनी हठधर्मी है कि उसने खुद ने 2018 के जन घोषणा पत्र में युवाओं को भरोसा दिलाया था। राहुल गांधी ने बार-बार हर जगह पब्लिक मीटिंग्स में किसानों की कर्जमाफी, बेरोजगारों को रोजगार और बेरोजगारी भत्ता दिलाने की बात कही थी। लेकिन देश के इतिहास में पहली बार राजस्थान में 16 पेपर लीक हुए। शर्मनाक यह है कि सीएम ने सदन में दूसरे प्रदेशों का हवाला देकर इस पर लीपापोती करने की कोशिश की। उनसे सदन में इन मुद्दों पर जवाब देते नहीं बन रहा था। लगातार पेपर लीक के मसले में बीजेपी और उसके जनप्रतिनिधियों, युवा मोर्चा, एबीवीपी ने सड़क और कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। पार्टी सदन में भी लड़ी। विशेष चर्चा स्पीकर को सदन में करानी पड़ी। लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि सरकार की मंशा सीबीआई जांच कराने की है। इस लिहाज से मुझे लगता है कि राजस्थान के नौजवान को अब शीशे की तरह साफ हो गया है। कांग्रेस का नकाब उतर गया। राजस्थान का नौजवान इसका जवाब जरूर मांगेगा।