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Rajasthan: सांसद बेनीवाल ने रेल मंत्री वैष्णव पर बोला हमला, कहा- ट्रेन नहीं चली, क्या आप अपनी बात से मुकर गए
Sat, 04 Feb 2023 10:03 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 04 Feb 2023 10:03 PM IST
सार
नागौर पशु मेले में पशुओं के परिवहन के लिए विशेष ट्रेन नहीं चलाए जाने को लेकर सांसद बेनीवाल ने रेल मंत्री वैष्णव पर हमला बोला है। बेनीवाल ने ट्वीट कर वैष्णव से पूछा कि क्या आप अपनी बात से मुकर गए हैं।
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सांसद हनुमान बेनीवाल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर पशु मेले में पशुओं के परिवहन के लिए विशेष ट्रेन का संचालन नहीं होने रेल मंत्री पर हमला बोला है। सांसद बेनीवाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ट्वीट कर लिखा कि केंद्रीय पशुपालन मंत्री की मौजूदगी में आपने नागौर पशु मेले में पशुओं के परिवहन के लिए विशेष ट्रेन संचालन की हां भर दी, मगर ट्रेन शुरू नहीं हो पाई। क्या आप अपनी बात से मुकर गए या रेलवे के अधिकारी आपको मानते नही है?
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दरअसल, सांसद बेनीवाल ने 14 नवंबर 2022 को जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे की बैठक में नागौर पशु मेले में ट्रेन संचालन की स्वीकृति को लेकर मुद्दा रखा था। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक को भी पत्र देकर ट्रेन संचालन की स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा था। 25 जनवरी को उतर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक के जवाबी पत्र में नागौर रेलेवे स्टेशन पर पशुओं के लोडिंग और अनलोडिंग के लिए उचित प्लेटफार्म नहीं होने का हवाला दिया गया है।
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सांसद बेनीवाल ने कहा कि अगर, रेलवे को किसी प्रकार की आपत्ति थी तो उसी समय बता देना चाहिए था। ताकि उसका समाधान निकालने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता, लेकिन रेलवे ने जानबूझकर लेट लतीफी की। जोधपुर मंडल कार्यालय से लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्यालय तक के कई अधिकारियों ने इसमें रेलवे बोर्ड और मंत्रालय को भ्रमित करने का प्रयास किया है, जिससे ट्रेन का संचालन ना हो सके।
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सांसद बेनीवाल ने कहा कि अगर, बेलों का परिवहन ट्रेन से होता तो पशु व्यापारियों को मात्र 25 लाख रुपये तक ही किराया देना होता। लेकिन, अब उन्हें ट्रकों से परिवहन करना पड़ेगा जिसका खर्च एक करोड़ से अधिक होगा। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर ने रेलवे को रिपोर्ट भेजने में देरी की है। इसके बदले में कुछ ट्रक संचालकों से बड़ी रकम ली गई है। इस सब में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक, जिला कलेक्टर नागौर रेलवे के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं।
सांसद ने कहा कि पशुओं के परिवहन के लिए विशेष ट्रेन चलवाने के सार्थक प्रयास किए। रेल मंत्री ने भी इस पर सहमति दे दी थी, लेकिन अधिकारियों के भ्रष्टाचार और भाजपा के दो मंत्रियों के कारण ऐसा नहीं हो सका।