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अलवर: शनिवार को छुट्टियों की खुशी, रविवार को मातम…दो मासूमों और मां की मौत से दहल गया गांव

Sun, 18 Oct 2026 03:46 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 18 Oct 2026 03:46 PM IST
सार

अलवर के दांतिया गांव में मां ऊषा शर्मा और उसके दो मासूम बच्चों की मौत से परिवार सदमे में है। परदादा ने कहा कि स्कूल की छुट्टी नहीं होती तो बच्चे स्कूल चले जाते और शायद उनकी जान बच जाती।

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Mourning spread in Alwar due to the death of a mother and two children.
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलवर के खेरली कस्बे के दांतिया गांव में तीन मासूमों की मौत से परिवार में मातम पसरा है। बच्चों के परदादा जगदीश प्रसाद शर्मा इस घटना से पूरी तरह टूट गए हैं। भावुक परदादा ने कहा कि बच्चे शनिवार को स्कूल में तीन दिन की छुट्टियां होने की बात कहकर खुश हो रहे थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि रविवार सुबह की हंसी मातम में बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि रविवार को स्कूल की छुट्टी नहीं होती तो बच्चे स्कूल चले जाते और शायद आज जीवित होते। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

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तीन मासूम जिंदगियों की थम गईं सांसें
रविवार सुबह करीब नौ बजे गांव में पांच वर्षीय मुकुल और तीन वर्षीय नंदनी उर्फ लाड़ो अन्य बच्चों के साथ पंचायत चुनाव की प्रचार सामग्री पहनकर खेल रहे थे। इसी दौरान बच्चों की मां ऊषा शर्मा ने उन्हें घर के बाहर खेलने से मना किया और कमरे के भीतर ले गई। कुछ ही देर बाद कमरे से चीख-पुकार की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दरवाजा खोलने का प्रयास किया। इसी बीच घायल मुकुल ने कमरे का दरवाजा खोल दिया।

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कमरे के अंदर ऊषा और दोनों बच्चे लहूलुहान हालत में पड़े थे। ग्रामीण तीनों को खेरली के उपजिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने तीन वर्षीय नंदनी को मृत घोषित कर दिया। उपचार के दौरान मुकुल और ऊषा ने भी दम तोड़ दिया। घटना में गंभीर रूप से घायल ऊषा की छोटी बहन मनीषा को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।

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महिला के मानसिक स्वास्थ्य का चल रहा था इलाज
ऊषा के ससुर बृजभूषण शर्मा और ग्रामीणों के अनुसार, ऊषा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि ऊपरी हवा से संबंधित आशंका के चलते भी उसका उपचार कराया जा रहा था। इसी वजह से परिजन दोनों मासूम बच्चों को रात में ऊषा के साथ सुलाने के बजाय अपने पास रखते थे। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। 

घटना के समय घर पर नहीं थे परिवार के कई सदस्य
घटना के समय परिवार के कई सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। ऊषा के ससुर बृजभूषण शर्मा पंचायत चुनाव में एक प्रत्याशी के प्रचार के लिए गांव में गए हुए थे। वहीं, परिवार की सास और ननद मनीषा तथा अंकित के दोनों बच्चों को साथ लेकर खेत पर गई हुई थीं। ऊषा का पति अमित शर्मा गुजरात में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है, जबकि उसकी बहन मनीषा का पति अंकित शर्मा जयपुर के एक निजी अस्पताल में नर्सिंगकर्मी के रूप में कार्यरत है।

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