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बेटे को मारने वाली कलयुगी मां की जेल में बितेगी जिंदगी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:25 PM IST
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बेटे की हत्या करने वाली मां को जेल ले जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
अजमेर के नसीराबाद थाना क्षेत्र के देराठु गांव की एक महिला को न्यायाधीश नुसरत बानो ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसने अपने तीन साल के मासूम को गला काटकर मौत के घाट उतार दिया था।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के लोक अभियोजक महेन्द्र सिंह चौधरी और भवानी सिंह रोहिल्ला ने बताया कि 11 जुलाई 2014 को देराठु निवासी राजकुमार जैन की पत्नी अन्तिमा उर्फ अन्नू ने अपने ही 3 वर्षीय बेटे नमन का चाकू से गला काटकर मौत के घाट उतारा था। इसके बाद सिर और धड़ को पास के बाड़े में अलग-अलग फेंक दिया।
राजकुमार जैन की रिपोर्ट पर अन्तिमा को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की ओर से चालान पेश करने के बाद 20 गवाह, 26 दस्तावेज और 9 आर्टिकल पेश किए गए। इन सभी सबूतों और गवाहों के मद्देनजर न्यायाधीश नुसरत बानो ने आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 10 हजार जुर्माना और धारा 201 के तहत 3 साल की सजा व 5 हजार के जुर्माने से दंडित करने की सजा सुनाई। आरोपी अन्तिमा ने कहा कि बेटे की बीमारी से तंग आकर ही उसने उसे मौत की नींद सुला दिया।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के लोक अभियोजक महेन्द्र सिंह चौधरी और भवानी सिंह रोहिल्ला ने बताया कि 11 जुलाई 2014 को देराठु निवासी राजकुमार जैन की पत्नी अन्तिमा उर्फ अन्नू ने अपने ही 3 वर्षीय बेटे नमन का चाकू से गला काटकर मौत के घाट उतारा था। इसके बाद सिर और धड़ को पास के बाड़े में अलग-अलग फेंक दिया।
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राजकुमार जैन की रिपोर्ट पर अन्तिमा को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की ओर से चालान पेश करने के बाद 20 गवाह, 26 दस्तावेज और 9 आर्टिकल पेश किए गए। इन सभी सबूतों और गवाहों के मद्देनजर न्यायाधीश नुसरत बानो ने आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 10 हजार जुर्माना और धारा 201 के तहत 3 साल की सजा व 5 हजार के जुर्माने से दंडित करने की सजा सुनाई। आरोपी अन्तिमा ने कहा कि बेटे की बीमारी से तंग आकर ही उसने उसे मौत की नींद सुला दिया।
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