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भारत-पाक सीमा पर सुखोई क्रैश, तीन घायल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 15 Mar 2017 04:30 PM IST
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दुर्घटनाग्रसत सुखोई
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भारत की पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुसेना के सुखोई- 30 एमकेआई क्रैश हो गया। बाड़मेर के वायुसेना स्टेशन के उत्तरलाई फ्लाइंग जोन में स्थित शिवकर के पास सुखोई क्रैश होने के बाद तीन कच्चे मकानों पर गिरा, जिससे वहां आग लग गई। विमान का मलबा दूर-दूर तक फैल गया। इस हादसे में तीन स्थानीय निवासी घायल हो गए। कुछ जानवरों के झुलसने की सूचना है।
सेना के प्रवक्ता कर्नल मनीष ओझा के अनुसार घटनास्थल बाड़मेर शहर और वायुसेना के फ्लाइंग स्टेशन से करीब 6 किलोमीटर दूर है। मौके पर प्रशासन की ओर से आग बुझाने का काम चल रहा है। वहीं कलक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गए हैं। ये मिग अपनी नियमित उड़ान पर था। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ लग गई, प्रशासन ने मौके से लोगों को हटाया। सुखोई-30 एमकेआई वर्ष 2002 में भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया। सुखोई-30 एमकेआई के क्रैश होने की पहली घटना भारत-पाक सीमा जैसलमेर में वर्ष 2009 में सामने आई थी। इस घटना में एक पायलट शहीद हो गया था। इसके अलावा वर्ष 2013 में जैसलमेर में ही एक और सुखोई क्रैश हुआ था, जिसका नाम सुखोई एसयू 30 था।
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सेना के प्रवक्ता कर्नल मनीष ओझा के अनुसार घटनास्थल बाड़मेर शहर और वायुसेना के फ्लाइंग स्टेशन से करीब 6 किलोमीटर दूर है। मौके पर प्रशासन की ओर से आग बुझाने का काम चल रहा है। वहीं कलक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गए हैं। ये मिग अपनी नियमित उड़ान पर था। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ लग गई, प्रशासन ने मौके से लोगों को हटाया। सुखोई-30 एमकेआई वर्ष 2002 में भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया। सुखोई-30 एमकेआई के क्रैश होने की पहली घटना भारत-पाक सीमा जैसलमेर में वर्ष 2009 में सामने आई थी। इस घटना में एक पायलट शहीद हो गया था। इसके अलावा वर्ष 2013 में जैसलमेर में ही एक और सुखोई क्रैश हुआ था, जिसका नाम सुखोई एसयू 30 था।
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पायलटों ने विमान से निकलकर बचाई जान
सुखोई 30
- फोटो : अमर उजाला
सुखोई 30 के क्रैश होकर गिरने से ठीक पहले पायलट ने विमान से निकलकर अपनी जान बचाई। पायलटों को मामूली चोटें आई हैं। दोनों सुरक्षित हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व पिछले वर्ष सितम्बर में भारतीय वायुसेना का एक मिग 21 विमान राजस्थान के बाड़मेर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। पायलटों ने समय रहते विमान से कूदकर अपनी जान बचाई थी।