Kekri: स्कूलों में उधारी से चल रही बच्चों के मिड-डे मिल की व्यवस्था, नहीं हुआ भुगतान; कलेक्ट्रेट पहुंचा मामला
Kekri: केकड़ी जिले की स्कूलों में बच्चों के लिए चल रहे पोषाहार कार्यक्रम को लेकर संकट खड़ा हो गया है। जिले की स्कूलों में पिछले छह माह से पोषाहार की एमडीएम राशि का भुगतान ही नहीं किया गया है, जिससे स्कूल के शिक्षक जैसे तैसे उधारी में पोषाहार के लिए जरूरी खाद्य सामग्री के जुटाने को मजबूर हो रहे हैं।
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केकड़ी जिले की स्कूलों में बच्चों के पोषाहार की व्यवस्था कभी भी दम तोड़ सकती है। एक अप्रेल से लेकर आज तक जिले के सभी विद्यालयों को इससे संबंधित एमडीएम की राशि का भुगतान ही नहीं किया गया है। इस व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए स्कूल के शिक्षक बाजार से उधार में सामान जुटा रहे हैं। मगर ऐसा कब तक चल पाएगा।
गुरुवार को असंतोष में आये शिक्षकों ने जिला कलक्टर से गुहार लगाई। उन्होनें राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के बैनर तले जिलाध्यक्ष महेश शर्मा एवं उपशाखा अध्यक्ष नवलकिशोर जांगिड़ के नेतृत्व में पोषाहार के बकाया भुगतान को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय के यहां नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और जिला कलक्टर श्वेता चौहान को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व शिक्षकगण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केकड़ी में एकत्रित हुए, जहां से रैली के रूप में जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे।
इस मौके पर अतिरिक्त जिला मंत्री राजेन्द्र सुजेडिया, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाशचन्द जैन, शारीरिक शिक्षक प्रतिनिधि मदनमोहन परेवा, सभाध्यक्ष गोपाल लाल रेगर, बिहारीदान चारण, कैलाश चन्द सोनी, वीरेन्द्र सोनी, ईद मोहम्मद, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, क्षेत्रीय संगठन मंत्री रामबाबू स्वर्णकार, संजय वैष्णव, हरिनारायण बीदा, दिनेश कुमार वैष्णव, पृथ्वीराज सिंह राठौड़, शीलू राजावत, सोनू कुमावत, ऋषिराज सोनी, शुभकरण मीणा, रामनिवास कुमावत, धर्मराज वैष्णव, प्रधान जाट एवं देवीशंकर वैष्णव सहित कई शिक्षक उपस्थित थे। वार्ता के दौरान जिला संरक्षक बिरदीचन्द वैष्णव, विभाग संगठन मंत्री जितेन्द्र सिंह राठौड़, जिला महिला मंत्री प्रभा पंचोली एवं जिला उप सभाध्यक्ष मोजेन्द्र सिंह राव ने सुझाव दिए।
इस संबंध में उपशाखा अध्यक्ष नवलकिशोर जांगिड़ ने बताया कि संगठन द्वारा पूर्व में भी कई बार पोषाहार के भुगतान को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से आग्रह किया गया था लेकिन फिर भी एक अप्रेल से लेकर आज तक केकड़ी जिले के सभी विद्यालयों को एमडीएम की राशि का भुगतान नहीं किया गया। उपशाखा मंत्री भागचन्द लखारा ने बताया कि जिलेभर की सरकारी स्कूलाें में विद्यार्थियों के लिए पोषाहार बनाने वाली कुक कम हेल्पर शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते आर्थिक परेशानी का सामना कर रही हैं। दीपावली का त्यौहार भी नजदीक है, फिर भी इन्हें अप्रेल से लेकर सितम्बर तक के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। अब अक्टूबर माह भी बीतने के कगार पर है, जिसके कारण इनके घराें में चूल्हा तक जलाना मुश्किल हाे रहा है।
बताया गया कि सरकार की ओर से कुक कम हेल्पर को मात्र 2143 रुपये मानदेय दिया जाता है, जो भी उन्हें समय पर नहीं मिल रहा। कुक कम हैल्पर को शिक्षा सत्र में दस माह का ही मानदेय मिलता है। दीपावली के अवकाश एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान पोषाहार नहीं बनने पर मानदेय नहीं मिलता है। कुक कम हैल्पर का काम प्रतिदिन बच्चों के लिए मिड डे मील मेनू के अनुसार पोषाहार तैयार करना होता है। बच्चों की तादाद के अनुसार उक्त पोषाहार बनता है। अमूमन इसको बनाने में कुक कम हैल्पर को तीन से चार घंटे लगते हैं जबकि मानदेय अब तक मात्र 2143 रुपये ही है।