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राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन को लेकर बड़ा फैसला: डीपीआर के लिए डेढ़ करोड़ जारी; 60 कोर्ट रूम का होगा निर्माण

Tue, 15 Sep 2026 08:20 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 15 Sep 2026 08:20 PM IST
सार

राजस्थान सरकार ने जोधपुर हाईकोर्ट के नए भवन की डीपीआर तैयार करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये जारी किए हैं। अदालत ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 60 कोर्ट रूम का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। निर्माण अनियमितताओं की जांच भी जारी है।

 

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Major decision regarding the new Rajasthan High Court building: ₹1.5 crore released for the DPR.
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के नए भवन के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की स्वीकृति जारी कर दी है। मुख्य न्यायाधीश मनीष श्रीवास्तव और न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ के समक्ष मंगलवार को राज्य सरकार ने नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया के तहत डेढ़ करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर जारी करने की जानकारी दी। अदालत ने हाईकोर्ट के भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए 60 कोर्ट रूम की क्षमता वाली डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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पहले 50 कोर्ट रूम का था प्रस्ताव
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट प्रशासन ने सरकार को 50 कोर्ट रूम की क्षमता वाली रिपोर्ट तैयार करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये स्वीकृत करने का पत्र सौंपा था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से स्वीकृति और वित्तीय राशि जारी किए जाने की जानकारी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। अदालत ने अब नए भवन की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 60 कोर्ट रूम का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। सुनवाई के दौरान राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और पुलिस की ओर से अब तक की गई कार्रवाई का विवरण पेश किया।
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एडीजी वीके सिंह के निर्देशन में जांच
अदालत ने निर्माण कार्य में हुई गंभीर अनियमितताओं की जांच अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वीके सिंह के निर्देशन में कराने के निर्देश दिए। साथ ही, वर्तमान भवन में चल रहे मरम्मत कार्य को मुख्य अभियंता की प्रत्यक्ष देखरेख में पूरा करने को कहा है। पुलिस ने तकनीकी खामियां बरतने वाली निर्माण एजेंसियों से जुड़े 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की ओर से इन आरोपियों की जमानत पर विचार का अनुरोध किया गया था। इस पर खंडपीठ ने दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
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आईआईटी की रिपोर्ट के बाद लिया स्वत: प्रसंज्ञान
हाईकोर्ट के न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने 10 अगस्त को भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मामले का स्वत: प्रसंज्ञान लिया था। आईआईटी जोधपुर और आईआईटी मुंबई की जांच रिपोर्ट में हाईकोर्ट के मुख्य गुंबद सहित भवन के कई हिस्सों के कमजोर होने का खुलासा हुआ था। अदालत की सख्ती के बाद पुलिस ने दो वर्ष पहले दर्ज निर्माण अनियमितता के मामले में गिरफ्तारियां शुरू की थीं। स्थिति का जायजा लेने के लिए 5 सितंबर को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास भी जोधपुर पहुंचे और भवन का निरीक्षण किया।

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