फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Lumpy Skin Disease 340 cows died in 10 days Jalore Rajasthan

Rajasthan: लंपी स्किन डिसीज से 340 गायों की मौत, गोशाला के कर्मचारियों ने छोड़ा काम, बचाव के लिए यह करें?

Fri, 29 Jul 2022 06:18 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 29 Jul 2022 06:18 PM IST
सार

लंपी स्किन डिसीज का सबसे ज्यादा असर दुधारू पशुओं पर दिख रहा है। यह डिसीज होने पर पशुओं के शरीर पर गांठें बनने लगती हैं। उन्हें तेज बुखार आता है, साथ ही सिर और गर्दन में तेज दर्द होता है।

विज्ञापन
Lumpy Skin Disease 340 cows died in 10 days Jalore Rajasthan
गाय के शरीर पर इस तरह की गांठें हो जाती हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

Lumpy Skin Disease: राजस्थान में लंपी स्किन वायरस गोवंश में तेजी से फैल रही है। गोशालाओं में रहने वाले गोवंश में इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है। दस दिन में यह बीमारी प्रदेश के कई जिलों में फैल चुकी है। खतरनाक बीमारी से अब तक करीब 340 गायों की मौत हो चुकी है, जबकि 1440 गाय इस संक्रमण की चपेट में आ चुकी हैं।  

विज्ञापन


एक मीडिया संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार इस बीमारी का सबसे ज्यादा प्रभाव प्रदेश के जालोर जिले में देखने को मिल रहा है। पथमेड़ा गोदाम आनंद वन की छह गोशालाओं में रहने वाली करीब 340 गायों की लंपी स्किन बीमारी से 10 दिन में मौत हो चुकी है। 1440 गाय संक्रमण की चपेट में हैं। इसके अलावा 
विज्ञापन

पालड़ी गांव में स्थित श्री ठाकुर गौ सेवाश्रम गोशाला के 750 से ज्यादा गोवंश इस बीमारी से ग्रसित हैं। वहीं करीब 150 गायों की जान भी जा चुकी है। हालात यह है कि संक्रमण के डर से यहां काम करने वाले 24 लोगों ने आना बंद कर दिया है।   
विज्ञापन
विज्ञापन


श्री ठाकुर गो सेवा आश्रम गोशाला में आसपास के क्षेत्रों से बीमारी से ग्रसित 20 से अधिक गोवंश को हर दिन लाया जा रहा है। इस गोशाला में गांव के 100 से ज्यादा युवा उनकी सेवा में लगे हैं। इस गोशाला में अभी पांच हजार से ज्यादा गोवंश है। इसमें से 700 गाय बीमारी की चपेट में आ गईं हैं। बड़ी संख्या में गायों की मौत के बाद सांचौर पंचायत समिति के विकास अधिकारी तुलसा राम मौके पर पहुंचे और डॉक्टरों की टीम को गोवंश के इलाज के लिए लगाया।

संक्रमण का कोई टीका नहीं 
हैरानी की बात तो यह है कि इतनी गायों की मौत के बाद भी पशुपालन विभाग ने गोवंश के इलाज के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि इसका कोई टीका नहीं है। उधर, गोशाला संचालक देशी तरीके से संक्रमित गोवंश का इलाज कर रहे हैं। संक्रमण की चपेट में आए गोवंश को अलग रखकर इलाज किया जा रहा है। स्थानीय लोग धूप और नीम के पत्तों का रस देकर उनका उपचार कर रहे हैं।  

यह हैं बीमार के लक्षण
पशु चिकित्सक के अनुसार लंपी स्किन डिसीज का सबसे ज्यादा असर दुधारू पशुओं पर दिख रहा है। यह डिसीज होने पर पशुओं के शरीर पर गांठें बनने लगती हैं। उन्हें तेज बुखार आता है, साथ ही सिर और गर्दन में तेज दर्द होता है। डिसीज के चपेट में आने से पशुओं के दूध देने की क्षमता भी घट जाती है। 

बचाव के लिए बरतें यह सावधानियां 
डॉक्टरों ने अनुसार लंपी स्किन डिसीज मच्छरों और मक्खियों जैसे खून चूसने वाले कीड़ों से फैलता है। दूषित पानी और चारे के कारण पशुओं को यह संक्रमण अपनी चपेट में लेता है। अगर किसी पशु में इस बीमारी के लक्षण दिखें तो अन्य गाय-भैंसों से अलग कर दें। किसी अन्य पशु को उनका झूठा पानी या चारा न खिलाएं। साथ ही पशु रखने वाले स्थान पर साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed