Rajasthan: नव संकल्प शिविर का अंतिम दिन, कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में लिए जा सकते हैं कई बड़े फैसले
कांग्रेस के नवसंकल्प शिविर के अंतिम दिन कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक होगी। बैठक में राहुल गांधी को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नव संकल्प शिविर से कांग्रेस मंथन कर रही है। रविवार को शिविर का अंतिम दिन है। आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक होगी। जिसमें कई बड़े अहम फैसले लिए जाएंगे। इसके साथ ही राहुल गांधी की कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी का फैसला भी लिया जा सकता है।
इस नव संकल्प शिविर के लिए बनाए गए सभी छह कमेटियों ने अपने सुझाव पार्टी को सौंप दिए हैं। उनमें से जिन सुझावों को पार्टी लागू करेगी, उन सुझावों पर सुबह 11 बजे होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी में प्रस्ताव के तौर पर रखा जाएगा। सुझावों पर चर्चा के बाद मोहर लगेगी।
उदयपुर के नव संकल्प शिविर में कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को जल्द से जल्द पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की मांग रखी है। इस बात की पूरी संभावना है कि राहुल गांधी रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को संभालने के लिए अपनी सहमति दे देंगे।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी चुनाव लड़ कर ही अध्यक्ष बनेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में जिन सुझाव को स्वीकार किया जाएगा, उन्हें कांग्रेस पार्टी शक्ति से प्रस्ताव और घोषणा पत्र के तौर पर खुद में समाहित करेगी। पहले सोनिया गांधी और फिर राहुल गांधी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह संदेश देंगे कि आगे पार्टी को इन्हीं सुझावों पर सख्ती से चलना होगा।
इन सुझावों पर बनेंगे प्रस्ताव-
- अंदरूनी सर्वे करने के लिए पार्टी का बनेगा खुद का विभाग, मिले फीडबैक के आधार पर ही होगा काम
- संगठन में नेताओं और कार्यकर्ताओं के काम के आकलन के लिए होगी नई विंग गठित
- पार्टी की हर स्तर पर गठित होने वाली कमेटी में होंगे 50 फीसदी युवा
- संगठन में एससी-एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी के लिए होगा 20 से 50 फीसदी आरक्षण, इसी आरक्षण के कोटे में महिलाओं के लिए होगा 33 फीसदी कोटा
- एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी
- पार्टी अध्यक्ष को छोड़ संगठन में कोई भी व्यक्ति अब नहीं रह सकेगा पांच साल से ज्यादा अपने पद पर
- एआईसीसी और पीसीसी के संविधान में होगा बदलाव, पीसीसी का संविधान होगा एआईसीसी से अलग
- पार्टी निकालेगी जन जागरण यात्राएं
- नए आंदोलनों की रूपरेखा होगी तैयार, जिसके जरिए पार्टी जनता के मुद्दों को उठाकर केंद्र सरकार के खिलाफ जनता को लेगी साथ