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Kotputli-Behror News: 39 साल की उम्र में 10वीं बार बनी मां, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद जन्मी स्वस्थ बेटी
Tue, 28 Jul 2026 08:43 AM IST
कोटपुतली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 08:43 AM IST
सार
39 साल की उम्र में 10वीं गर्भावस्था और बेहद हाई रिस्क स्थिति... डॉक्टरों ने गर्भवती महिला को हाई रिस्क घोषित कर जयपुर रैफर कर दिया लेकिन वह अस्पताल छोड़कर घर लौट आई। आखिरकार महिला ने सुरक्षित सामान्य प्रसव से एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया।
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39 साल की उम्र में 10वीं बार बनी मां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खैरथल-तिजारा जिले के कोटकासिम क्षेत्र में एक 39 वर्षीय महिला ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद अपनी 10वीं संतान को सामान्य प्रसव के जरिए जन्म दिया। महिला का बीपी 170 से 190 के बीच होने के कारण डॉक्टरों ने उसे गंभीर जोखिम मानते हुए पहले अलवर और फिर जयपुर रैफर किया था, लेकिन वह उपचार के बजाय अपने घर लौट गई। लगातार समझाइश और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बाद सोमवार को वह कोटकासिम के एक निजी अस्पताल पहुंची, जहां दोपहर करीब एक बजे उसने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
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मुनपुर ठाकरान (खानपुर) गांव निवासी सरोज (39) पत्नी नारायण की शादी वर्ष 2006 में हुई थी। उनके पति खेती करते हैं। इस प्रसव के बाद सरोज अब 10 बच्चों की मां बन चुकी हैं, जिनमें 4 बेटे और 6 बेटियां शामिल हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी मुस्कान 16 वर्ष की है, जबकि सबसे छोटी बेटी अनाया 4 वर्ष की है।
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पूर सीएचसी की डॉ. मधु यादव ने बताया कि 21 जुलाई को सरोज को पहले खानपुर उपस्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद उन्हें पूर सीएचसी रैफर किया गया। जांच में महिला का बीपी 170 से 190 के बीच पाया गया, जो अत्यंत हाई रिस्क श्रेणी में आता है। स्थिति को देखते हुए उन्हें 108 एम्बुलेंस से अलवर के जनाना अस्पताल भेजा गया, जहां से चिकित्सकों ने जयपुर के सांगानेरी गेट अस्पताल रैफर कर दिया।
हालांकि जयपुर जाने के बजाय महिला अपने घर लौट आई। इसके बाद सीएमएचओ, बीसीएमओ, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार परिवार से संपर्क कर सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए समझाइश दी। यहां तक कि गांव में 108 एम्बुलेंस भी पहुंचाई गई, लेकिन महिला हर बार यह कहकर अस्पताल जाने से इंकार करती रही कि पहले उसे घर की जिम्मेदारियां पूरी करनी हैं।
आखिरकार सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की लगातार काउंसलिंग के बाद सरोज कोटकासिम के एक निजी अस्पताल पहुंची, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका सफल सामान्य प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ बताए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूकता और लगातार प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया।