Kota News: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, पथराव के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा, 20 से ज्यादा हिरासत
कोटा के अमरकुआं क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पथराव और हंगामे के बाद मामला थाने तक पहुंच गया, जहां वाहनों में तोड़फोड़ की गई और कई लोग घायल हो गए।
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जिले में अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला और रानपुर थाने पहुंचाया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी थाने के बाहर एकत्र हो गए और वहां खड़ी पुलिस व अन्य वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता देवा भड़क सहित 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
डीएफओ अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि वन विभाग की टीम अमरकुआं क्षेत्र में वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने और कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी। विभाग को सूचना मिली थी कि वन भूमि पर अवैध रूप से मकानों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मौके पर पांच मकानों का निर्माण कार्य चल रहा था। वन विभाग की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो कुछ ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते पथराव करने लगे।
डीएफओ के अनुसार टीम ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन स्थिति बिगड़ गई और टीम के सदस्यों पर हमला करने की कोशिश की गई। इसके बाद वन विभाग की टीम वहां से निकलकर सीधे रानपुर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि वन विभाग की शिकायत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण रानपुर थाने पहुंच गए। यहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया और थाने के बाहर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ कर दी।
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हंगामे के दौरान बीच-बचाव कर रहे एएसआई सतीश चंद, कांस्टेबल संजय कुमार, सुनील और जोधराज घायल हो गए। वहीं वन विभाग के कर्मचारी सुनील और रघुवीर को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने हमले और राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में कांग्रेस नेता देवा भड़क सहित 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से उक्त क्षेत्र में रह रहे हैं। उनका आरोप है कि वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अचानक तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।