फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jhalawar administration has geared up to stop child marriage team focus is on rural level

Jhalawar News: बाल विवाह रोकने के लिए झालावाड़ प्रशासन ने कसी कमर, ग्रामीण स्तर पर टीम का फोकस

Wed, 19 Mar 2025 06:20 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़ Published by: कोटा ब्यूरो Updated Wed, 19 Mar 2025 06:20 PM IST
सार

बाल विवाह रोकने के लिए झालावाड़ प्रशासन ने कमर कस ली है। ग्रामीण स्तर पर टीम का फोकस किया जा रहा है।

विज्ञापन
Jhalawar administration has geared up to stop child marriage team focus is on rural level
झालावाड़ जिला कलेक्ट्रेट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के झालावाड़ जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन सख्त एक्शन की तैयारी में लग गया है। इसके लिए कोटा जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही जिला कलेक्टर ने ग्राम और तहसील स्तर पर व्यापक निगरानी रखने के लिए जागरुकता से काम करने के निर्देश भी दिए हैं, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित वृत्ताधिकारी, थानाधिकारी, पटवारी, ग्राम पंचायत सदस्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी है। वहीं, महिला सुरक्षा सखी, शिक्षक और जनप्रतिनिधि भी इस अभियान का हिस्सा हैं।

विज्ञापन


प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि अक्षय तृतीय और पीपल पूर्णिमा जैसे त्योहारों को देखते हुए टीमें गांवों और अन्य जगहों पर पूरी नजर रखती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य अवसरों पर भी बाल विवाह की आशंका रहती है। समाज की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई गई है। इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर विभिन्न सहायता समूह बनाए गए हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: जिला पुलिस का डॉमिनेशन अभियान, खाकी का अपराधियों पर प्रहार, 203 लोगों को किया गिरफ्तार
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों का कहना है कि जन सहभागिता से ही इस कुप्रथा को रोका जा सकता है। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे व्यक्ति व समुदाय जो विवाह संपन्न कराने में सहयोगी होते हैं। जैसे हलवाई, बैंड बाजा, पंडित, बाराती, टेंट वाले, ट्रांसपोर्टर इत्यादि से बाल विवाह में सहयोग न करने का आश्वासन लिया जाए। साथ ही उनको कानून की जानकारी प्रदान कर जागरुक किया जाए।

यह भी पढ़ें: चित्तौड़ में खुलेगी एंटी नारकोटिक्स चौकी, तस्करों पर लगाम कसने की तैयारी

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगर जनता कहीं भी बाल विवाह होता देखे तो इसकी जानकारी 181 कॉल सेंटर पर और पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। वहीं स्कूलों में बाल विवाह के दुष्परिणामों व इससे संबंधित विधिक प्रावधानों की जानकारी प्रदान की जाए। गांव व मोहल्लों के उन परिवारों में जहां बाल विवाह होने की आशंका हो, समन्वित रूप से समझाया जाए। यदि आवश्यक हो तो कानून द्वारा बाल विवाह को रोके जाने की कार्रवाई की जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed