राजस्थान में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है। अति भारी बारिश के कारण उदयपुर, टोंक और अब कोटा संभाग में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांव में पानी घुस गया है।
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चंबल सहित कई नदियां उफान पर
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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार चंबल, कालीसिंध, पार्वती, उजाड़, आहू समेत कई नदियां उफान पर आ गई। चंबल तो अपना रौद्र रूप दिखा रही है। इससे राजस्थान का मध्यप्रदेश से संपर्क कट गया है। भारी बारिश से कोटा में 12 से अधिक कॉलोनियां पानी से घिर गई। ऐसे में तुरंत नगर निगम की रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला और लोगों को नावों से बाहर निकाला।
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कोटा में बाढ़
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झालावाड़ में एसडीआरफ ने संभाला मोर्चा
भारी बारिश और जलजमाव को देखते हुए कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिले में मंगलवार को सभी सरकारी, निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया हैं। झालावाड़ जिले में एसडीआरएफ ने मोर्चा संभाला। बीते 24 घंटों में कोटा शहर में 248.9, झालावाड़ जिले के डग कस्बे में 234, बूंदी के नैनवां में 219 और बारां के अन्ता उपखंड़ क्षेत्र में 170 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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सड़कें डूबी
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गांव में घुसा पानी
कालीसिंध नदी का पानी मुंडरी गांव में घुस गया। जिसके बाद प्रशासन ने 50-60 घरों की बस्ती को खाली करवाया। वहीं उजाड़ नदी का पानी भीमसागर क्षेत्र के गाडरवाड़ा नूरजी में घुस गया। जिससे सड़कों पर तीन से चार फीट पानी आया। सारोला क्षेत्र के छापीहेड़ा-खतौनी गांव भी पानी से घिर गया।
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घरों में घुसा पानी
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मकान गिरने से पांच लोग दबे
वहीं झालावाड़ के पनवाड़ में कच्चा मकान गिर गया। जिसस एक परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। कोटा में मोखापाड़ा के सामने सरकारी स्कूल की दीवार गिर गई। वहीं बूंदी जिले में पाईबालापुरा बांध की चादर पर उफान के बीच नैनवां के भजनेरी गांव के एक दंपती टापू पर फंस गए।