कोटा मर्डर केस: छात्रा ने प्रपोजल ठुकराया तो टीचर ने दुष्कर्म की कोशिश की, एक हजार पेज की चार्जशीट में हुए खुलासे
13 फरवरी को नाबालिग छात्रा ट्यूशन पढ़ने गई थी। समय पर घर नहीं पहुंची तो पिता उसे देखने के लिए पहुंचे। यहां टीचर के कमरे में छात्रा फंदे पर लटक रही थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और करीब एक महीने बाद कोर्ट में एक हजार पेज की चार्जशीट पेश की है।
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विस्तार
ट्यूशन, प्रपोज, रेप का प्रयास और फिर हत्या ये आठ शब्द एक दर्दनाक वारदात की शुरुआत और उसका अंत है। इन आठ शब्द ने राजस्थान के कोटा में रहने वाले एक परिवार की जिंदगी बदल दी।अब शायद ही यह परिवार किसी पर भरोसा कर पाए, क्योंकि उन्होंने अपनी 14 साल की नाबालिग बेटी को खोया है। उसके मृत शरीर पर मिले जख्मों के निशान मौत से पहले उसके दर्द की कहानी बयां कर रहें थे।
अंतहीन दर्द झेलने वाली 14 साल की बेटी अब इस दुनियां में नहीं है, लेकिन उसके परिवार को न्याय का इंतजार है। उन्हें इंतजार है कि उनकी बेटी को उनसे दूर करने वाले हत्यारे को कड़ी सजा मिले। उन्हें इंतजार है उस दिन का जब कोर्ट उनकी बेटी के उस हत्यारे को सजा सुनाएगा, जिसने उनके भरोसे का भी कत्ल किया है।
उनका ये इंतजार कब पूरा होगा यह तो आने वाला समय ही बताए...लेकिन हमें उम्मीद है कि उन्हें और उनकी बेटी को जल्द न्याय मिलेगा। पुलिस ने इसके लिए पूरी तैयारी के साथ एक हजार पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। आइए जानते हैं कोटा में करीब एक महीने पहले घटी इस दर्दनाक वारदात के बारे में...
जानें क्या है पूरा मामला
13 फरवरी को कोटा के कोतवाली इलाके में रहने वाली 14 साल छात्रा टीचर गौरव जैन के पास ट्यूशन पढ़ने गई थी। समय पर बेटी घर नहीं पहुंची तो उसके पिता टीचर के घर उसे देखने पहुंचे, लेकिन यहां ताला लगा हुआ था। पिता को घर के बरामदे में बच्ची की चप्पलें पड़ी मिलीं। उन्होंने टीचर गौरव जैन की मां को फोन लगाया और मामले की जानकारी देकर घर बुलाया। उनके आने के बाद पिता ने गौरव के कमरे का ताला खोलकर देखा तो उनकी आंखे फटी रह गईं। बेटी का शव फांसी के फंटे से लटक रह था। फरार टीचर गौरव अब हत्या का आरोपी बन गया था।
दो बार कॉल कर ट्यूशन बुलाया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 13 फरवरी को रविवार के दिन ट्यूशन की छ्ट्टी थी और छात्रा की तबियत भी खराब थी। ऐसे में उसे बुलाने के लिए आरोपी टीचर ने उसके घर दो बार कॉल किया था। छात्रा की मां से बात कर आरोपी गौरव ने उसे ट्यूशन भेजने की बात कही। मां ने बताया कि उसकी तबियत खराब है, आज ट्यूशन नहीं आएगी। इस पर आरोपी ने अगले दिन होने वाले पेपर का हवाला दिया। इससे बाद छात्रा जाने के लिए तैयार होने लगी, लेकिन मां ने मना कर दिया। कुछ देर बार आरोपी गौरव ने फिर कॉल किया तो छात्रा ट्यूशन चली गई। उसे क्या पता था कि वो जहां जा रही है, वहां से कभी लौटकर वापस नहीं आएगी।
प्रपोज, रेप की कोशिश और हत्या
13 फरवरी को आरोपी गौरव के माता-पिता और चाचा-चाची एक शादी में गए थे। इस दौरान घर पर कोई नहीं था। गौरव छात्रा को अकेले ही ट्यूशन पढ़ाता था। छात्रा करीब 11 बजे ट्यूशन के लिए उसके घर पहुंची। गौरव ने उसे प्रपोज किया, लेकिन उसने मना कर दिया। इससे गुस्साए गौरव ने उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। छात्रा ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की और गला दबाकर हत्या कर दी। एक घंटे में पूरी वारदात को अंजाम देकर आरोपी कमरे में ताला लगाकर स्कूली से फरार हो गया। भागने से पहले वह मां के नौ हजार रुपए भी अपने साथ ले गया।
मौत से पहले किया संघर्ष
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पोस्टमार्टम में शामिल रहने वाले डॉक्टरों ने बताया कि नाबालिग छात्रा ने मरने के पहले काफी संघर्ष किया था। आरोपी ने उसकी गला घोंटा हत्या की थी। उन्होंने बताया कि पैर की चोटें ऐसी हैं जैसे पकड़कर खींचा गया हो।
पिता ने कहा था- जिस पर भरोसा था उसी ने बेटी छीन ली
छात्रा के पिता ने कहा था कि बेटी पढ़ने में होशियार थी, अच्छी कोचिंग दिलाने के लिए बड़े कोचिंग संस्थान में दाखिला करवाया था। कोरोना के कारण उस समय स्कूल बंद थे, लेकिन कुछ दिन बाद फिर से खुल गए। इस कारण स्कूल और कोचिंग के समय में तालमेल नहीं हो पा रहा था। ऐसे में बेटी दोबारा आरोपी गौरव के पास ही ट्यूशन पढ़ने जाने लगी थी। उन्होंने रोते हुए कहा था कि जिस पर भरोसा था उसी ने उनसे उनकी बेटी छीन ली।
भागने के लिए बनाए थे दो प्लान, पुलिस से बचने लड़की बना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपी गौरव जैन तीन साल से छात्रा को पढ़ा रहा था। इस दौरान उसे उससे प्यार हो गया। उसने पहले ही सोच लिया था कि छात्रा ने उसका प्रपोजल ठुकराया तो वो उसे मार देगा। इसके लिए वह पूरी तरह तैयार था। इसे लेकर उसने हत्या से लेकर भागने तक का प्लान बना लिया था। वो भी एक नहीं दो-दो प्लान बना लिए थे। पहला प्लान उसने ट्रेन से और दूसरा बस से भागने का बनाया था, ताकि एक प्लान फेल होने पर दूसरे से भागने का रास्ता मिल जाए।
आरोपी को पता था कि 13 फरवरी को उसके घर वाले एक शादी में जाएंगे, इस दौरान घर पर कोई नहीं होगा। इसलिए उसने इस दिन के लिए पूरी तैयारी पहले से कर ली थी। आरोपी ने 12 फरवरी को ट्रेवल एंजेसी पर जाकर मीनाक्षी नाम से बस का टिकट बुक कराया था। इसके अलावा अवध एक्सप्रेस से भी भागने की योजना बनाई थी। पुलिस को घटना का पता पहले चल गया, इसलिए वह बस भाग गया।
आरोपी गौरव टीचर होने के साथ-साथ शातिर भी था। उसे पहले से पता था पुलिस उसे पकड़ने के लिए क्या-क्या करेगी। उसे पता था कि पुलिस सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी। इस कारण उसने घर से भागने के लिए स्कूटी का इस्तेमाल किया। रंगपुर में एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाते समय सेल्समैन से प्लानिंग के अनुसार केशोरायपाटन का रास्ता पूछा।
यह सब उसने इसलिए किया ताकि पुलिस यहां पहुंचे तो उसे केशोरायपाटन की तरफ जाने की जानकारी मिले और वह उसी रूट उसकी तलाश में लग जाए। इस दौरान मौका पाकर वह फरार हो जाए। आरोपी गौरव ने पाटन के गामछ में स्कूटी खड़ी की और फिर लड़की का हुलिया बनाया। यहां से कोटा के नयापुरा पहुंचकर बस से फरार हो गया। पुलिस से बचने के लिए उसने लड़की का हुलिया बना लिया था।
शातिर गौरव की प्लानिंग ऐसी थी पुलिस भी गच्चा खा गई। उसने लड़की का मेकअप करने और उनके जैसा दिखने के लिए यूटयूब पर वीडियो देखे थे। वीडियो से उसने लड़कियों के कपड़े पहनने, स्कार्फ बांधने, उनके चलने और बाल बनाने का तरीका सीखा था। इसके लिए उसने कई बार लड़की जैसा हुलिया भी बनाया था। इससे वह आसानी से पाटन से लिफ्ट लेकर कोटा के नयापुरा तक पहुंच गया। यहां काफी देर बस का इंतजार करने के बाद उसे बस मिली, लेकिन किसी को उसने लड़की नहीं होने का शक नहीं हुआ।
आठ दिन तक 15 शहरों में घूमता रहा
हत्या के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए आठ दिन में 15 शहरों में इधर-उधर छिपा रहा। सबसे पहले वह हरिद्वार गया और वहां से देहरादून गया। यहां से वापस हरिद्वार आया। इसके बाद बोधगया, मधुबन, रांची, बरेली, आगरा, मथुरा, वृन्दावन, वल्लभगढ़, गोरखपुर, पटना, बनारस में भी रहा। रुपए ख्त्म होने के बाद गुड़गांव पहुंचा।
रुपए खत्म हुए तो बहन के घर पहुंचा
पुलिस से बचने के लिए आरोपी उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में घूमता रहा। इस दौरान पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी और उसके परिवार वालों से संपर्क में रहकर उनपर भी नजर रखी जा रही थी। पुलिस को शक था कि रुपए खत्म होने के बाद वह परिवार वालों से संपर्क जरूर करेगा, हुआ भी ऐसा ही। आरोपी गौरव बहनों के काफी करीब था। पुलिस ने गुड़गांव में रहने वााली बहन के घर के बाहर जवान तैनात कर दिए थे। रुपए खत्म होने पर 21 फरवरी की शाम वह अपनी बहन के पहुंचा, अंदर जाने से पहले उसे पकड़ लिया गया।
हत्या की कहानी आरोपी गौरव की जुबानी
औरापी ने पुलिस को बताया कि वह छात्रा को पसंद करता था। 13 फरवरी को उसने छात्रा को प्रपोज किया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद गौरव ने छात्रा के साथ रेप करने की कोशिश की। नाबालिग ने विरोध किया तो उसे लगा कि वह घर पर सब कुछ बता देगी, इससे बचने उसने गला दबाकर नाबालिग की हत्या कर दी। उसने हत्या करने के लिए कमरे में पहले से ही नाड़े और रस्सियां रख ली थी। उसे डर था कि गला दबाने के बाद भी वह कहीं बच न जाए। इसके लिए उसने छात्रा के हाथ-पैर बांधे और गले में फंदा बांधकर खिड़की से लटका दिया। वह चाहता था कि लड़की हर हाल में मर जानी चाहिए। आरोपी गौरव ने पुलिस से कहा था कि वो मेरी नहीं हो सकी तो किसी की नहीं हो सकती।
गला दबाकर ही क्यों मारा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपी गौरव ने छात्रा को किसी हथियार से इसलिए नहीं मारा क्योंकि उसके घर में खून-खराबा गलत माना जाता है। इसलिए उसने हथियार की जगह गला दबाकर हत्या करने की योजना बनाई थी।
एक हजार पेज की चार्जशीट
इस पूरे मामले की जांच कर पुलिस ने बीते सोमवार को एक हजार पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की। इसमें आरोपी के बयान और पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूतों की बारीकी से जानकारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले इसके लिए उसने पूरी तैयारी की है। चार्जशीट में 93 गवाहों के नाम हैं। इनमें छात्र के परिवार वाले, बस वाले और पुलिसकर्मी समेत कई अन्य लोग भी शामिल हैं।
- 13 फरवरी को 14 साल की छात्रा की लाश कोतवाली के बजाज खाना में ट्यूशन पढ़ाने वाले गौरव जैन के कमरे में मिली थी। टीचर घर से फरार था।
- 14 फरवरी को परिजनों और व्यापारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए का धरना दिया। एसपी ने परिवार से तीन दिन का समय मांगा। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 30 टीमें बनाई गईं।
- 15 फरवरी से आरोपी की गिरफ्तारी के लिए शहर में धरने-प्रदर्शन, रैली निकाली जाने लगी। आरोपी पर इनाम की घोषणा की गई।
- 18 फरवरी को आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर व्यापारियों ने रखा कोटा बंद।
- 21 फरवरी की रात गुरुग्राम से आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- 21 मार्च को पुलिस ने जांच कर एक हजार पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की।