'राष्ट्रगान से अंग्रेजों की प्रशंसा वाले शब्द संशोधित हों'
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राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने राष्ट्रगान में अंग्रेजों की तारीफ करने वाले शब्दों पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने मंगलवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा कि राष्ट्रगान में अंग्रेजों की प्रशंसा करने वाले शब्दों में संशोधन किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि हम जन-गण-मन अधिनायक गाकर आखिर किसकी स्तुति कर रहे हैं?
कल्याण सिंह ने कहा कि राष्ट्रगान की कुछ पंक्तियों और शब्दों को लेकर उन्हें आपत्ति है। हालांकि रविन्द्र नाथ टैगोर के प्रति पूरी श्रद्धा रखते हैं। लेकिन आजादी के इतने साल बाद भी अब तक हम ये नहीं समझ पाए कि पक्तियों व शब्दों को हटाया कैसे जाए। इसका मंथन करना जरूरी है।
'सर्वदलीय बैठक में हो चर्चा'
राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने उपाय सुझाया कि सभी राजनीतिक दलों को मिलकर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और संशोधन को लेकर चर्चा करनी चाहिए।
राज्यपाल ने एक बार फिर कहा कि अकबर और औरंगजेब शासक थे, इस कारण उन्हें महान नहीं कहा जा सकता। महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवजी प्रेरणादायक हैं और उन्हें महान कहा जा सकता है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई भी महान हैं।
उन्होंने फिर कहा कि गवर्नर महामहिम नहीं होता है। हिंदी में गवर्नर को महामहिम और अंग्रेजी में हिज एक्सीलेंसी कहे जाने का प्रचलन है। लेकिन माननीय शब्द का इस्तेमाल होना चाहिए।