राजस्थान: दिव्या के धरने के बाद ADM तैनात, CI को हटाया गया, जानें मथानिया चुनाव विवाद में अब तक क्या हुआ?
राजस्थान नगर निकाय चुनाव के बीच जोधपुर के मथानिया में नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया। निर्धारित समय दोपहर 3 बजे के बाद भाजपा विधायक भैराराम सियोल और एक प्रत्याशी के आरओ कक्ष में पहुंचने के आरोप को लेकर पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने विरोध जताया और समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया।
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जस्थान नगर निकाय चुनाव के बीच जोधपुर के मथानिया में नामांकन प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। निर्धारित समय के बाद भाजपा विधायक भैराराम सियोल और एक प्रत्याशी के रिटर्निंग अधिकारी (RO) कक्ष में पहुंचने के आरोपों के बाद कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने इसी मुद्दे को लेकर RO कार्यालय के बाहर समर्थकों के साथ धरना दिया था, जो रातभर जारी रहा। अब प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए RO की निगरानी में ADM की नियुक्ति की है। साथ ही मथानिया के CI को चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं।
RO की निगरानी के लिए ADM की नियुक्ति
मथानिया में चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बाद प्रशासन ने RO की निगरानी के लिए ADM को तैनात किया है। प्रशासन का यह कदम चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, मथानिया CI को चुनावी प्रक्रिया से अलग रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से यह व्यवस्था उस समय की गई है, जब नामांकन के अंतिम दिन RO कक्ष में निर्धारित समय के बाद प्रवेश को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
3 बजे के बाद RO कक्ष में प्रवेश पर शुरू हुआ विवाद
मथानिया नगर पालिका चुनाव में नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा सोमवार दोपहर 3 बजे निर्धारित थी। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी भाजपा विधायक भैराराम सियोल करीब 3:05 बजे तक RO कक्ष में मौजूद थे। उनका दावा था कि विधायक एक प्रत्याशी के साथ अंदर पहुंचे थे और उस समय कक्ष का मुख्य दरवाजा बंद था।
दिव्या मदेरणा ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से समय सीमा समाप्त होने के बाद RO कक्ष में मौजूद लोगों को बाहर निकालने की मांग की। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताया। दिव्या के अनुसार, वहां मौजूद एक कांग्रेस प्रत्याशी के साथ पुलिस ने बदसलूकी की और उसे बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फोन कर दिव्या मदेरणा को पूरे मामले की जानकारी दी।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचीं दिव्या मदेरणा
कार्यकर्ताओं से शिकायत मिलने के बाद दिव्या मदेरणा मथानिया नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं और RO कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गईं। मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया।
दिव्या ने सवाल उठाया कि जब दोपहर 3 बजे के बाद नामांकन प्रक्रिया में प्रवेश की अनुमति नहीं थी, तो विधायक और प्रत्याशी को RO कक्ष तक पहुंचने की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने थानाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या चुनावी प्रक्रिया में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम लागू किए जा रहे हैं।
रातभर धरने पर डटी रहीं, सामने आई सोते हुए तस्वीर
विवाद के बाद दिव्या मदेरणा अपने समर्थकों के साथ रातभर धरना स्थल पर डटी रहीं। अधिकारियों की ओर से लगातार समझाइश के प्रयास किए गए, लेकिन उन्होंने अपना विरोध जारी रखा। इसी दौरान उनकी धरना स्थल पर रात में सोते हुए तस्वीर भी सामने आई, जिसके बाद यह मामला और चर्चा में आ गया।
दिव्या मदेरणा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल हंगामा खड़ा करना नहीं है, बल्कि वह चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहती हैं। उन्होंने मथानिया में कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
सोशल मीडिया पर भी उठाए सवाल
दिव्या मदेरणा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए भी पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन पर कथित भेदभाव के आरोप लगाए। उन्होंने सवाल किया कि जब 3 बजे के बाद किसी को नामांकन प्रक्रिया में प्रवेश की अनुमति नहीं थी, तो स्थानीय विधायक और अन्य लोगों को RO कक्ष के अंदर कैसे जाने दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की कथित अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि वह न डरेंगी और न झुकेंगी तथा चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा।
भाजपा-कांग्रेस ने अंतिम समय तक नहीं खोली प्रत्याशियों की सूची
मथानिया नगर पालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने नामांकन के अंतिम समय तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक नहीं की थी। दोनों दलों की ओर से प्रत्याशियों के नाम और चुनाव चिह्न सीधे RO के पास भेजे गए थे। अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ने वाले दावेदार अपने समर्थकों के साथ रैली और ढोल-नगाड़ों के बीच नामांकन दाखिल करने पहुंचे। नामांकन की अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बाद RO कक्ष में प्रवेश को लेकर विवाद सामने आया और देखते ही देखते यह राजनीतिक टकराव में बदल गया।
मथानिया में 25 वार्ड, अध्यक्ष पद एससी महिला के लिए आरक्षित
मथानिया नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। नगर पालिका अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी चुनावी माहौल सामान्य नहीं हुआ और दिव्या मदेरणा RO कक्ष के बाहर धरने पर बैठी रहीं।अब प्रशासन की ओर से RO की निगरानी के लिए ADM की नियुक्ति और मथानिया CI को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने के निर्देश के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।