Rajasthan: जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट में अब तक 22 की मौत, दूल्हे की मां के बाद पिता ने भी तोड़ दिया दम
जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट में सोमवार की शाम दूल्हे की मां ने दम तोड़ दिया था। मंगलवार सुबह पिता की भी मौत हो गई। इस सिलेंडर ब्लास्ट में अधिकतर बच्चे और महिलाओं की जान गई हैं।
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जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट मामले में मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। मंगलवार सुबह दूल्हे के पिता सहित चार और लोगों की मौत हो गई। जबकि सोमवार की शाम मां की मौत हो गई थी। अब तक इस हादसे में 22 लोगों की जान चली गई है।
मंगलवार सुबह भी बुरी खबर लेकर आई। मरने वाले 50 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। दूल्हे के पिता सगत सिंह (55 साल), सुगन कंवर (56 साल ), दिलीप कुमार (24 साल ), आईदान सिंह (9 साल) ने दम तोड़ दिया। मरने वाले सभी 50 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। अब हादसे में मृतकों की संख्या 22 पर पहुंच गई है। आठ लोग आईसीयू में भर्ती हैं।
दिलीप ने तीन लोगों को बचाया, हार गया जिंदगी का जंग
मंगलवार को 24 साल के दिलीप कुमार की भी मौत हो गई। वह दूल्हे को तैयार करने आया था। ब्लास्ट हुआ तो दिलीप ने अपनी जान पर खेलकर आग के लपटों में घुस गया। उसने तीन लोगों की जिंदगी बचाई। लोगों को बचाने में वह 50 प्रतिशत जल गया था।
दुआ बस अब रुक जाए मौत का आंकड़ा
जोधपुर जिला ग्रामीण एसपी अनिल कयाल ने बताया कि 34 मरीजों का महात्मा गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें से पांच मरीजों की हालत गंभीर है। अस्पताल में भी माहौल गंभीर है। अस्पताल के वेटिंग रूम के बाहर लोग आंखों में आंसू लेकर अपनों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं। ग्रामीण दुआ कर रहे हैं कि अब किसी की जान नहीं जाए। डॉक्टरों की टीम पीड़ितों के इलाज में जुटी है।
डोली की जगह रखी जा रही अर्थियां
जोधपुर जिले के शेरगढ़ के भूंगरा गांव में गुरुवार को शक्ति सिंह के बेटे सुरेंद्र सिंह की बरात खोखसर जानी थी। इसी दौरान पांच सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। हादसे में 60 से अधिक लोग झुलस गए थे और पांच की मौत हो गई थी। जिस गाड़ी से बरात जानी थी, लोग झुलसे लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचे। अब जहां डोली उतरती, वहां मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले तीन दिनों से शेरगढ़ में शवों का आना जारी है। श्मशान घाटों में एक साथ कई लाशें जल रही हैं। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। लोगों का कहना है कि उन्होंने आज तक ऐसा दर्दनाक हादसा नहीं देखा।
मृतक के परिवार को मिलेंगे सात-सात लाख रुपये
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बीते शुक्रवार को घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मृतक के आश्रितों को चिरंजीवी योजना के तहत 5-5 लाख रुपये और मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही थी।
कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने मंगलवार को अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने घायलों के इलाज के बारे में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दिलीप कच्छावा और अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा से इलाज के बारे में जानकारी ली। जिला कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से भी बातचीत की है।