जोधपुर हत्याकांड: समलैंगिक बीवी बन गई थी हैवान, पति के टुकड़े-टुकड़े कर फेंके थे नाले में
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राजस्थान के जोधपुर शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बुधवार को टुकड़ों में मिले एक युवक और उसकी हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जोधपुर के बनाड़ थाना इलाके में स्थित नगर निगम के ट्रीटमेंट प्लांट के पास सीवरेज लाइन में मानव शरीर के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया था। लोगों की सूचना के बाद बनाड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने सीवरेज से एक कट्टे में से मानव शरीर के अलग-अलग टुकड़े किए हुए अंग बरामद कर कब्जे में लेकर जांच कर रही थी।
इस जघन्य हत्याकांड का जोधपुर पुलिस ने महज 48 घंटे में खुलासा किया है। जिसमें तीन महिला व एक पुरुष को गिरफतार किया गया है। पुलिस अनुसंधान में जो कहानी सामने आई, वह हैरान कर देने वाली है। डीसीपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मृतक की पत्नी और दो साली और एक साली के दोस्त ने मिलकर युवक की हत्या की थी। हत्या के बाद शव के टुकड़े-टुकड़े कर नाले में फेंक दिए थे।
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कानूनी मर्यादाओं के चलते नहीं करने की बात कही है। बस इतना बताया कि मृतक और उसकी पत्नी के संबंध ठीक नहीं थे। लेकिन लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पत्नी समलैंगिक थी और उसका किसी दूसरी महिला के साथ संबंध था जिसके चलते युवक और उसकी पत्नी में अनबन चल रही थी। इस झगड़े के चलते पत्नी ने अपनी बहनों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
एफएसएल टीम, एमओबी टीम और डॉग स्क्वॉयड से मिली मदद
डीसीपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि बुधवार को सुबह नांदड़ी गौशाला के पीछे एसटीएफ प्लांट (सीवरेज प्लॉन्ट) के पास एक अज्ञात व्यक्ति के कटे हुए हाथ, पैर और शाम को कटा हुआ सिर मिलने की सूचना मिली थी। इस पर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व, सहायक पुलिस आयुक्त वृत मंडोर की ओर से मौके पर एफएसएल टीम, एमओबी टीम तथा डॉग स्क्वॉयड को बुलाया गया। घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया। एएसआई गोरधनराम की रिपोर्ट पर अज्ञात लोगो के विरुद्ध अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर सबूत मिटाने का मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता और शिघ्र खुलासा करने के लिए उच्च अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पूर्व भागचंद के नेतृत्व में एसीपी राजेंद्र दिवाकर, थानाधिकारी बनाड़ अशोक आंजना और लालाराम थानाधिकारी डांगियावास टीम गठित की गई। इस टीम ने सिवरेज प्लॉट में आने वाले नाले की बारीकी से जांच पड़ताल की और नाले के आसपास आधुनिक तकनीकी साधनों की सहायता से जानकारी एकत्र कर गुमशुदा लोगों के बारे में पूरे राजस्थान से जानकारी प्राप्त की गई।
मृतक के मामा के बेटे ने की शिनाख्त
मानव अंगों को जिस थैलियों में फेंका गया जिसमें एक थैली आनंदपुर कालु और एक थैली मेडतासिटी के दुकान की थी। जिस पर पाली जिले और नागौर जिले में गुमशुदा लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि 10 अगस्त 2020 को गुम हुए चरणसिंह उर्फ सुशील चौधरी की गुमशुदगी 11 अगस्त 2020 को मेड़ता सिटी थाने में दर्ज हुई थी। गुमशुदा के फोटो मंगवाए और चेहरे से मिलान किया तो समानता पाई गई। इस पर बुधवार को मृतक के मामा के बेटे राजेन्द्र मंगोलिया ने अपने भाई चरण सिंह उर्फ सुशील पुत्र नेमाराम जाति जाट निवासी खाखड़की पुलिस थाना मेडतासिटी की शिनाख्त की।