{"_id":"6aba476924a2623f6c072962","slug":"jodhpur-factory-blast-second-firefighter-dies-after-firefighting-injuries-2-dead-in-4-days-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"जोधपुर फैक्टरी ब्लास्ट: आग बुझाने में झुलसे दूसरे दमकलकर्मी की भी मौत, चार दिन में दो ने गंवाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जोधपुर फैक्टरी ब्लास्ट: आग बुझाने में झुलसे दूसरे दमकलकर्मी की भी मौत, चार दिन में दो ने गंवाई जान
Mon, 28 Sep 2026 04:24 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 28 Sep 2026 04:24 PM IST
सार
23 सितंबर को बासनी में हैंडीक्राफ्ट फैक्टरी हादसे में झुलसे एक और दमकलकर्मी की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में अब तक दो दमकलकर्मियों की जान जा चुकी है, जबकि एक अन्य की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
विज्ञापन
जोधपुर फैक्टरी अग्निकांड में एक और दमकलकर्मी की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के बासनी स्थित हैंडीक्राफ्ट फैक्टरी में हुए विस्फोट में गंभीर रूप से झुलसे दमकलकर्मी 22 वर्षीय सुरेंद्र की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि करीब 60 प्रतिशत तक झुलसे सुरेंद्र को वेंटिलेटर पर रखा गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। इस हादसे में अब तक दो दमकलकर्मियों की जान जा चुकी है। इससे पहले 26 सितंबर को एक अन्य दमकलकर्मी प्रीतेश का निधन हो गया था।
विज्ञापन
घायलों का उपचार
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक हादसे में गंभीर रूप से झुलसे दमकलकर्मी प्रदीप की हालत अभी बेहद नाजुक बनी हुई है। अस्सी से नब्बे प्रतिशत तक झुलस चुके प्रदीप को गहन चिकित्सा इकाई में वेंटिलेटर पर रखा गया है। अधीक्षक डॉ. भाटी के अनुसार जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में स्थानांतरित किए गए छह मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। इसके अलावा महात्मा गांधी अस्पताल में चार अन्य झुलसे कर्मचारियों प्रवीण, कुणाल, दुर्गेश और विनय का इलाज लगातार जारी है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: राजस्थान: निंबाहेड़ा में बेकाबू ट्रक ने मोपेड सवार दो बहनों को कुचला, दोनों की मौके पर मौत; चालक फरार
विज्ञापन
रासायनिक ड्रम में धमाके से हुआ हादसा
अधिकारियों ने बताया कि बासनी स्थित एसआर हैंडीक्राफ्ट फैक्टरी में 23 सितंबर की शाम भीषण आग लगी थी। दमकल विभाग के 35 कर्मचारियों की टीम राहत व बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची। दमकलकर्मी जब आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे, तभी फैक्टरी की छत से एक भारी पत्थर नीचे रखे रासायनिक द्रव्यों से भरे ड्रम पर आ गिरा। पत्थर गिरते ही ड्रम में जोरदार धमाका हो गया, जिसकी चपेट में आकर कई कर्मचारी झुलस गए। सहकर्मियों ने झुलसे साथियों को दमकल वाहनों और पिकअप के जरिये अस्पताल पहुंचाया।
राहत कार्य और वायुसेना की सहायता
आग की विभीषिका को देखते हुए देर रात भारतीय वायुसेना की अग्निशमन टीम को भी सहायता के लिए बुलाया गया। अग्निशमन दल ने कड़ी मशक्कत के बाद 24 सितंबर की सुबह आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया था। हालांकि बाद में फैक्टरी में दोबारा आग भड़क उठी, जिसे दमकलकर्मियों ने फिर से शांत किया। इसमें 14 कर्मचारी झुलसे थे, जिनमें से गंभीर रूप से घायल छह दमकलकर्मियों को लगभग 350 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एम्बुलेंस के माध्यम से जयपुर भेजा गया था।