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Rajasthan: अधिकारियों की मेहरबानी से फल-फूल रहे अवैध लैब्स और नर्सिंग होम्स, जानकारी के बाद भी अधूरी कार्रवाई

Thu, 01 Aug 2024 09:39 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 01 Aug 2024 09:39 PM IST
सार

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में अवैध लैब्स, नर्सिंग होम्स और हॉस्पिटलों की खबर अमर उजाला पर प्रसारित की जा रही है। इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।

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Rajasthan Illegal labs and nursing homes are running in Jhunjhunu with connivance of officials
झुंझुनूं में अवैध लैब्स और अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झुंझुनूं में हजारों की तादाद में अवैध लैब, हॉस्पिटल और नर्सिंग होम संचालित हैं, जिनका न तो रजिस्ट्रेशन है और न ही कहीं रिकॉर्ड। ऐसे अवैध संस्थाओं के खिलाफ अमर उजाला पिछले दो दिनों से लगातार आवाज उठा रहा है, जिसको लेकर उदयपुरवाटी ब्लॉक सीएमएचओ मुकेश भूपेश ने अपने फर्ज के अनुरूप कार्य किया।

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बता दें कि 15 लैब और दो हॉस्पिटल को सात दिवस का नोटिस दिया गया है। सात दिवस में अगर वह पूरी कागजी कार्रवाई नहीं करते हैं तो उच्च अधिकारियों को अवगत करवाकर सीज़ की कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं, हम बात करें जिला मुख्यालय की तो यहां पर भी लैब, नर्सिंग होम, डेंटल क्लीनिक और आई क्लीनिक धड़ल्ले से बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। जब जिला मुख्यालय का ही यह हाल है तो बाकी जगह का तो रामभरोसे। यह सभी संस्थान झुंझुनूं के मुख्य स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय से मात्र एक किलोमीटर के दायरे में संचालित हो रहे हैं। इनके अलावा झुंझुनूं में झुंझुनूं मुख्यालय समेत चिड़ावा, गुढ़ा गोड़जी, नवलगढ़, पिलानी और सिंघाना खेतड़ी में धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं।
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'हमें आदेश नहीं मिला'
अमर उजाला ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली की पड़ताल की, जिसमें सामने आया कि झुंझुनूं मुख्यालय की चिकित्सा अधिकारी रेखा ने साफतौर पर कहा, हमें चीफ मेडिकल ऑफिसर के द्वारा कोई आदेश नहीं मिला है। इसीलिए हमने कोई कार्रवाई नहीं की। खेतड़ी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी ने टीम की दुहाई देते हुए कहा, हम कार्रवाई तो करते। लेकिन चिकित्सा विभाग की संयुक्त कार्रवाई होती तो, आप CMHO साहब से बात करें।
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वहीं, उदयपुरवाटी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी ने कहा, हमने आपकी खबरें पढ़ी। पढ़ते ही हमने 15 लैब और दो हॉस्पिटल को चेक किया, जिसमें हमें खामियां मिली और बिना डॉक्टर के ही हॉस्पिटल चल रहे थे। हमने उन्हें सात दिवस का नोटिस दिया है। इसके बाद सीज की कार्रवाई की जाएगी। अब इसमें एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि सीएमएचओ डॉक्टर राजकुमार डांगी हर खबर पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। पढ़ भी रहे हैं और अमर उजाला की उनसे बात हो रही है। उसके बाद भी अगर वह कोई कार्रवाई करने के मूड में नहीं हैं तो इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं दाल में कुछ काला है या पूरी दाल ही काली है।

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