फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jhunjhunu News ›   Kargil Vijay Diwas 2024 60 warriors of Rajasthan had sacrificed everything 19 soldiers were from Jhunjhunu

Kargil Vijay Diwas 2024: राजस्थान के 60 रणबांकुरों ने कर दिया था सर्वस्व न्योछावर, झुंझुनूं के थे 19 जवान

Fri, 26 Jul 2024 05:11 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 26 Jul 2024 05:11 PM IST
सार

कारगिल विजय दिवस के 25 साल पूरे होने पर आज देश भर में विजय दिवस मनाया जा रहा है। हजारों फीट ऊंचे पहाड़ों पर लड़ी गई इस लड़ाई में राजस्थान के 60 सपूतों ने देश के लिए प्राण न्योछावर कर दिए थे। इनमें से 19 जवान झुंझुनूं जिले के थे।

विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas 2024 60 warriors of Rajasthan had sacrificed everything 19 soldiers were from Jhunjhunu
कारगिल विजय दिवस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कारगिल विजय दिवस को आज यानी शुक्रवार को 25 साल पूरे हो गए हैं। आज देश भर में कारगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है। करीब दो महीने तक चलने वाले इस युद्ध में देश के 527 वीर सपूतों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। शहीदों की इस फेहरिस्त में राजस्थान के 60 बहादुर बेटों ने इतिहास में नाम दर्ज करवाया था। इन बेटों ने अपनी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए ‘राष्ट्र प्रथम’ को ध्यान में रखते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी थी। राजस्थान के इस 60 सपूतों में करीब आधे से ज्यादा वीरों की धरा शेखावाटी के झुंझूनूं, सीकर और चूरू जिले के थे। इनमें भी 19 जवान अकेले झुंझुनूं जिले के थे।

विज्ञापन


यूं तो पूरा राजस्थान ही वीरों की धरती है। लेकिन शेखावाटी इसमें खास है। शेखावाटी के तीनों जिलों झुंझुनूं, सीकर और चूरू के युवाओं के लिए बतौर करियर सेना पहली पसंद होती है। झुंझुनूं जिला तो देश भर में सर्वाधिक सैनिक और शहीद देने वाले जिले की पहचान रखता है। यहां का धनूरी गांव तो फौजियों का ही गांव है। शेखावाटी में सेना में एक दो नहीं, बल्कि कई परिवारों की पांच से छह पीढ़ियां देश की सेवा करती रही है। परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह की जन्म स्थली झुंझुनूं शौर्य और साहस की मिसाल है।
विज्ञापन




गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में लगी है शहीदों की मूर्तियां
शेखावाटी में देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले बेटों की संख्या सैंकड़ों में है। प्रथम विश्व युद्ध से लेकर कारगिल तक और उसके बाद हुए सैन्य ऑपरेशन में शेखावाटी के बेटे कभी पीछे नहीं हटे। बहादुरी दिखाने में सैदव अग्रिम पंक्ति में रहने वाले शेखावाटी बहादुर बेटों की शहादत की कहानियां गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में आपको देखने और सुनने को मिल जाएगी। यहां गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में वीर शहीदों की मूर्तियां लगी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहीदों को देव तुल्य सम्मान
शहादत की इन मूर्तियों को हर बार रक्षा बंधन पर बहनें राखी बांधने जाती हैं। ब्याह शादी के मौकों पर नवविवाहित जोड़े वहां धोक लगाने जाते हैं। यहां के शहीदों को देव तुल्य सम्मान दिया जाता है। सीमा पर युद्ध ही नहीं, बल्कि शांतिकाल में चलने वाले सैन्य ऑपरेशनों में भी यहां के बेटे देश सेवा में हमेशा आगे रहते हैं। यही कारण है कि आए दिन सूबे के इस शेखावाटी इलाके के किसी न किसी लाल की शहादत की खबरें आती रहती हैं। बावजूद इसके यहां युवा साल भर सेना में जाने की तैयारियों में जुटे रहते हैं।



बेटियां भी सेना में दिखा रही पराक्रम
यहां के कण-कण में देश सेवा जज्बा इस कदर है कि वीर बेटों के सीमा पर शहादत होने के बाद भी उनके माता-पिता यही कहते हैं कि वे अपनी अगली पीढ़ी को सेना में भेजना पंसद करेंगे। अब तो शेखावाटी की बेटियां भी सेना में अपना परचम लहरा रही हैं। वे सेना और नौसेना समेत वायु सेना में शेखावाटी के बेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश सेवा में जुटी हैं।

Kargil Vijay Diwas 2024 60 warriors of Rajasthan had sacrificed everything 19 soldiers were from Jhunjhunu
कारगिल शहीद की वीरांगनाओं एवं योद्धाओं का सम्मान - फोटो : अमर उजाला

शहादत को सलाम कार्यक्रम में हुआ कारगिल शहीद की वीरांगनाओं एवं योद्धाओं का सम्मान
झुंझुनूं स्थित कर्बला मैदान में डॉ. सलाऊदीन चोपदार फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘शहादत को सलाम‘ कार्यक्रम दो संत चंचलनाथ जी का टीला के पीठाधीश्वर मंहत ओमनाथ जी महाराज एवं दरगाह हजरत कमरूदीन शाह के सज्जादानशीन एजाज नबी साहब के सानिध्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शेखावाटी क्षेत्र (झुंझुनूं, चुरू, सीकर व नीम का थाना) के कारगिल युद्ध में लड़ने वाले योद्धाओं, कारगिल शहीदों की वीरांगनाओं एवं गेलेंट्री अवार्डधारियों सहित 130 जनों का सम्मान किया गया।



कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं प्रखर वक्ता इमरान प्रतापगढ़ी, विशिष्ट अतिथि के तौर पर मेजर जनरल एजेबी जैनी, लेफ्टिनेंट जनरल एसपीएस कटेवा, कारगिल महानायक ब्रिगेडियर अजीत सिंह शेखावत, कर्नल शोकत अली, सैनिक कल्याण अधिकार कर्नल अनिल पूनियां, कैप्टन शोकत अली, डॉ. सलाऊदीन चोपदार फाउंडेशन के चैयरमेन डॉ. सत्तार दीवान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजक राजस्थान मदरसा बोर्ड के चैयरमेन एमडी चोपदार ने आये हुए तमाम अतिथियों का मोमेन्टो, शॉल एवं कैप पहनाकर स्वागत किया। चोपदार ने गंगा जमुनी तहजीब का जिक्र करते हुए कहा कि ये जिला साम्प्रदायिक सद्भाव की मिशाल है। यहां धर्म और जाति से बढ़कर राष्ट्रवाद की भावना देखने को मिलती है। उन्होंने कारगिल युद्ध में शौर्य और पराक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि यहां के लोग देश के लिए अपने प्राणों की आहूति देने के लिए हर समय तैयार रहते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि मेरा दुर्भाग्य है कि मेरा जन्म शेखावाटी जैसी वीर जन्म भूमि पर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो नफरत की दुकान खोले बैठे हैं, वो एक बार शेखावाटी के वीरों की इस भूमि पर आएं और देखें कि लोग कितनी मोहब्बत के साथ यहां रहते है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने बड़ी-बड़ी कुर्बानियां देकर इस जिले को मान पूरे भारत में बढ़ाया है। उन्होंने ये भरोसा दिलाया कि यहां कि कुर्बानियों का जिक्र में पूरी दुनिया में करूंगा और उन्होंने वादा किया कि शेखावाटी के शहीदों का कार्यक्रम में दिल्ली में करूंगा।

ब्रिगेडियर अजीत सिंह ने कारगिल से जुड़े बहुत से संस्करण साझा किए। उन्होंने कहा कि हिन्दू-मुस्लिम करने वाले संकीर्ण सोच के व्यक्ति होते हैं, मैंने कारगिल में मुस्लिम कम्पनी की कमांड की थी, जिसने अपने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुये पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए थे। कर्नल शौकत अली ने शेखावाटी की वीर वसुंधरा का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोगों की नस-नस में देश के प्रति मोहब्ब्त एवं वफादारी देखने को मिलती है।

कार्यक्रम में शहीदों से संबंधित एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया, जिसमें शेखावाटी के समस्त शहीदों का वर्णन देखने को मिलता है। कार्यक्रम में वीर रस के कवि विवेक पारीक ने अपने काव्य पाठ से देशभक्ति की भावना को उजागर किया। जोश एवं जूनून से लबरेज उनकी काव्य रचना पर भारत माता की जयकारे के नारे गूंजने लगे। रूकसाना खान ने देशभक्ति गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में शेखावाटी क्षेत्र के लोग वीरांगनाओं एवं योद्धाओं की हौसला अफजाई के लिये उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में कैप्टन टीपू सुल्तान, कैप्टन सुल्तान खान, कैप्टन महेन्द्र सिंह झाझड़ियां, मेजर जयराम, कैप्टन ताराचन्द नूनियां, कैप्टन लियाकत अली खां किढ़वाना, सुबेदार इकबाल खां, कैप्टन लाल खां, कैप्टन लियाकत खां, कैप्टन सरवर खां, कैप्टन असलम खां, कैप्टन राजकुमार, कैप्टन भंवर सिंह, कमांडो अकरम खां, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश सुण्डा, ए.जी. मिर्जा, मुफ्ती अहमद जिया, अमित जांगिड़, प्रवीण शर्मा, इरफान खान, इमरान बड़गुजर, इमरान राईन, इमरान फारूकी, युनुस रंगरेज, बाबु भाई अली हसन, मनवर दीवान, साजीद दीवान, रेहान दीवान, आमीन चोपदार, जावेद अली टाक, हनीफ चोपदार एवं डॉ. सलाऊदीन चोपदार फाउंडेशन के समस्त पदाधिकारी सहित हजारों लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजहर हुसैन एवं मूलचन्द झाझड़ियां ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed