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Jhunjhunu: मीणा सेवा संस्थान का तुगलकी फरमान, लेटर जारी करके कहा- महिला पति के साथ रहने योग्य नहीं
Fri, 09 Aug 2024 11:02 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 09 Aug 2024 11:02 PM IST
सार
झुंझुनू के आदिवासी मीणा सेवा संस्थान ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए एक विवाहिता के खिलाफ लेटर हेड पर आदेश जारी किया है कि वह पति के साथ रहने योग्य नहीं है। जानिये क्या है पूरा मामला
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के आदिवासी मीणा सेवा संस्थान ने लेटर हेड पर आदेश जारी करते हुए कहा कि समाज की विवाहिता अनीशा कावंत अपने पति के साथ रहने के लिए योग्य नहीं है और अपने पति के साथ घर नहीं बसा सकती। संस्थान के इस तुगलगी फरमान को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। पीड़िता अनीशा कावंत ने संस्थान के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र मीणा व मुख्य महासचिव रामनिवास मीणा के खिलाफ झुंझुनू कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया है।
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जानकारी के अनुसार विवाहिता अनीशा कावंत का अपने ससुराल वालों के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते मीणा समाज ने यह फैसला सुनाया। अनीशा ने कहा कि फैसले से पहले उनका पक्ष भी नहीं सुना गया और मनमर्जी से पैसे लेकर ससुराल वालों के पक्ष में एकतरफा फैसला सुनाया गया है। पीड़िता का कहना है कि अब संस्थान के निर्णय के आधार पर ससुराल वाले उसे टॉर्चर कर रहे हैं और कोर्ट में आकर तलाक लेने का दबाव बना रहे हैं।
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महिला ने बताया कि उसका मामला मीणा समाज, बीकानेर के क्षेत्राधिकार में आता है। झुंझुनू में उसका कोई लेना-देना नहीं है। उसने कहा कि षड्यंत्र रचकर मेरा विवाहित जीवन खराब कर दिया, महिला ने रिपोर्ट देकर अध्यक्ष और महासचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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