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Rajasthan: जाट परिवार ने वाल्मीकि समाज की बेटी को अपने घर से किया विदा, शादी की रस्में निभाकर किया कन्यादान
Thu, 01 Dec 2022 05:51 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 01 Dec 2022 05:51 PM IST
सार
वाल्मीकि परिवार की बेटी पुष्पा के पिता की पांच साल पहले मौत हो गई थी। करीब पांच महीन पहले उसकी मां का भी देहांत हो गया। 29 नवंबर को देवाराम जाट ने धूमधाम से उसकी शादी की। इसमें गांव वालों ने भी सहयोग किया।
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जाट समाज ने वाल्मीक समाज की बेटी की धूमधाम से शादी की।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान में धीरे-धीरे ही सही छुआछूत जैसी पुरानी कुरीतिया बदल रहीं हैं। इसका ताजा उदाहरण प्रदेश के नगौर जिले से सामने आया है। जहां एक जाट परिवार ने वाल्मीक समाज की बेटी की धूमधाम से शादी की। बीते दिन बुधवार को हुई इस शादी में पूरा गांव शामिल हुआ। बेटी की विदाई के दौरान भी हर आंख नम थी।
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दरअसल, दिलों को खुश करने वाला यह मामला जिले के चाउ गांव का है। यहां रहने वाली वाल्मीकि परिवार की बेटी पुष्पा के पिता की पांच साल पहले मौत हो गई थी। करीब पांच महीन पहले उसकी मां का भी देहांत हो गया। इसके बाद से पुष्पा अपनी मानसिक रोगी दादी और छोटे भाई-बहन के साथ रह रही थी। पुष्पा के पिता की मौत के बाद देवाराम जाट ने उसे बेटी की तरह ही माना। देवाराम पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटे सरकारी नौकरी करते हैं और अपनी बेटियों की उन्होंने शादी कर दी है।
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पिता के निधन के बाद से देवाराम पुष्पा के परिवार का ख्याल रख रहे थे। उसकी शादी का समय आया तो उन्होंने एक पिता की तरह ही सारी जिम्मेदारियां निभाईं। 29 नवंबर को देवाराम ने पुष्पा की शादी कराकर उसे विदा किया। इस शादी को देखने को लिए पूरा गांव वहां आ पहुंचा था। इन भावुक पलों को देखकर हर किसी की आंख नम हो गई।
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लोगों ने बताया कि पुष्पा के बड़े भाई की शादी भी गांव वालों ने मिलकर कराई थी। अब पुष्पा की शादी देवाराम जाट और उनके परिवार ने कराई है। इस शादी में पूरे गांव के लोग शामिल हुए। पुष्पा को गांव वालों और देवाराम जाट परिवार ने सोने-चांदी के गहने, कपड़े और नगदी देकर पूरे सम्मान के साथ विदा किया है। गांव वालों और देवाराम जाट की यह पहल गांव ही नहीं जिले में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।