{"_id":"68aee9f3e42abde919041d81","slug":"jaisalmer-news-chundi-ganesh-known-as-house-giving-deity-thousands-of-devotees-visit-with-dreams-of-a-home-2025-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaisalmer News: घर देने वाले गणेशजी हैं चुंधी गणेश, अपने घर का सपना लिए हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaisalmer News: घर देने वाले गणेशजी हैं चुंधी गणेश, अपने घर का सपना लिए हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे
Wed, 27 Aug 2025 04:50 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 27 Aug 2025 04:50 PM IST
सार
घर देने वाले गणेश के नाम से प्रसिद्ध जैसलमेर के चूंधी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के मौके पर हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर मंदिर में दर्शन करने पहुंच रहे हैं और भगवान से अपने घर बनाने की मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
विज्ञापन
चुंधी गणेश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रद्धालु रिद्धि-सिद्धि विनायक मंदिर से यात्रा शुरू करके चूंधी गणेश मंदिर पहुंचते हैं। इस दौरान दिनभर में लगभग 50 हजार लोग मेले का हिस्सा बनते हैं, जबकि पैदल जाने वालों की संख्या 15 से 20 हजार तक होती है। जैसलमेर से 15 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर अपने आप में विशेष महत्व रखता है। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश के समक्ष अपने घर बनाने या नए आशियाने की मनोकामना प्रकट करते हैं और मान्यता है कि गणेशजी इस मनोकामना को पूरा करते हैं।
विज्ञापन
चूंधी गणेश मंदिर का इतिहास 1500 साल से भी पुराना है। कहा जाता है कि चंवद ऋषि ने यहां लगभग 500 वर्ष तक तपस्या की, इसलिए इस स्थान का नाम चूंधी पड़ा। विभिन्न समय काल में कई ऋषि-मुनियों ने यहां तपस्या की, जिसके कारण इस स्थान पर आने वाले भक्तों को शांति और मनोकामना की पूर्ति मिलती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi: शादी की आस लिए गणपति के द्वार पहुंचे सैकड़ों कुंवारे, यहां प्रसाद के रूप में बंटती है मेहंदी
विज्ञापन
मंदिर बरसाती नदी के बीच स्थित है, जो इसे देशभर के मंदिरों में विशेष पहचान दिलाता है। मंदिर में स्थित गणेशजी की प्रतिमा स्वयंभू मानी जाती है। बरसात के दिनों में कई बार यह प्रतिमा पानी में डूब जाती है। कहा जाता है कि प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी से पहले बारिश होती है और सभी देवता मिलकर गणेशजी का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर के दोनों तरफ दो कुएं हैं, जिनमें हरिद्वार की गंगा का पानी प्राकृतिक रूप से आता है।
इस वर्ष गणेश चतुर्थी के मौके पर लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के यहां आने का अनुमान है। सुरक्षा के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। दर्शनार्थियों की लंबी कतारों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि कोई चोरी या अप्रिय घटना न हो। मेले की तैयारियों के लिए चूंधी गणेश मंदिर समिति ने कई दिनों से बैठकें आयोजित की हैं। करीब 20 हजार लोगों के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी की गई है।