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Rajasthan News: पोखरण में युद्ध अभ्यास की रिहर्सल, आर्मी कमांडर ने किया ‘रुद्र शक्ति’ का निरीक्षण
Wed, 11 Feb 2026 10:54 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 11 Feb 2026 10:54 AM IST
सार
पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में रुद्र ब्रिगेड द्वारा आयोजित ‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ का निरीक्षण दक्षिणी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने किया। लाइव फायरिंग के साथ हुए इस अभ्यास में सेना ने आधुनिक युद्ध की परिस्थितियों में तेज, सटीक और संयुक्त कार्रवाई की अपनी क्षमता दिखाई।
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आर्मी कमांडर ने ‘रुद्र शक्ति’ अभ्यास की समीक्षा की
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जैसलमेर के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की रुद्र ब्रिगेड द्वारा आयोजित बड़े सैन्य अभ्यास ‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ की समीक्षा दक्षिणी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम) ने की। यह अभ्यास लाइव फायरिंग के साथ किया गया, जिसमें बदलते युद्ध के हालात में सेना की तेज और असरदार कार्रवाई की क्षमता दिखाई गई।
यह अभ्यास पहले हुए ‘एक्सरसाइज़ अखंड प्रहार’ का अगला चरण था। पहले वाले अभ्यास में रेगिस्तानी इलाके में रुद्र ब्रिगेड और नई सैन्य रणनीतियों की जांच की गई थी। अब ‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ के जरिए सेना ने अपनी तैयारियों को और मजबूत किया।
इस लाइव फायरिंग अभ्यास का मकसद अलग-अलग सैन्य ताकतों के बीच बेहतर तालमेल दिखाना था। इसमें यंत्रीकृत सेना, तोपखाना, वायु रक्षा इकाइयाँ, आर्मी एविएशन के एएलएच-डब्ल्यूएसआई और अपाचे हेलीकॉप्टर, ड्रोन यानी मानवरहित हवाई सिस्टम और काउंटर-ड्रोन तकनीक का एक साथ इस्तेमाल किया गया। अभ्यास के दौरान जमीन, हवा और डिजिटल सिस्टम के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला।
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समीक्षा के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने मैदान में मौजूद जवानों से बातचीत की और उनके प्रशिक्षण, पेशेवर क्षमता और तैयारियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने मुश्किल अभियानों को तेजी, सटीकता और अच्छे तालमेल के साथ पूरा करने की शानदार क्षमता दिखाई है।
‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ भारतीय सेना के लगातार बदलते और मजबूत होते रूप की एक मिसाल है। यह दिखाता है कि सेना नई सोच, नई रणनीति और नई तकनीक के साथ खुद को लगातार बेहतर बना रही है। यह अभ्यास इस बात का भी सबूत है कि भारतीय सेना आने वाली सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार, आधुनिक तकनीक से लैस और भविष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है।
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यह अभ्यास पहले हुए ‘एक्सरसाइज़ अखंड प्रहार’ का अगला चरण था। पहले वाले अभ्यास में रेगिस्तानी इलाके में रुद्र ब्रिगेड और नई सैन्य रणनीतियों की जांच की गई थी। अब ‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ के जरिए सेना ने अपनी तैयारियों को और मजबूत किया।
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इस लाइव फायरिंग अभ्यास का मकसद अलग-अलग सैन्य ताकतों के बीच बेहतर तालमेल दिखाना था। इसमें यंत्रीकृत सेना, तोपखाना, वायु रक्षा इकाइयाँ, आर्मी एविएशन के एएलएच-डब्ल्यूएसआई और अपाचे हेलीकॉप्टर, ड्रोन यानी मानवरहित हवाई सिस्टम और काउंटर-ड्रोन तकनीक का एक साथ इस्तेमाल किया गया। अभ्यास के दौरान जमीन, हवा और डिजिटल सिस्टम के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला।
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समीक्षा के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने मैदान में मौजूद जवानों से बातचीत की और उनके प्रशिक्षण, पेशेवर क्षमता और तैयारियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने मुश्किल अभियानों को तेजी, सटीकता और अच्छे तालमेल के साथ पूरा करने की शानदार क्षमता दिखाई है।
‘एक्सरसाइज़ रुद्र शक्ति’ भारतीय सेना के लगातार बदलते और मजबूत होते रूप की एक मिसाल है। यह दिखाता है कि सेना नई सोच, नई रणनीति और नई तकनीक के साथ खुद को लगातार बेहतर बना रही है। यह अभ्यास इस बात का भी सबूत है कि भारतीय सेना आने वाली सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार, आधुनिक तकनीक से लैस और भविष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है।