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रेगिस्तान में दिखा अनोखा नजारा: इंदिरा गांधी नहर में पहली बार नजर आया पांच फीट लंबा घड़ियाल, वन विभाग भी हैरान

Sat, 27 Jun 2026 03:07 PM IST
जैसलमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर Published by: जैसलमेर ब्यूरो Updated Sat, 27 Jun 2026 03:07 PM IST
सार

जैसलमेर के नाचना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार करीब पांच फीट लंबा घड़ियाल दिखाई दिया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह पंजाब के हरीके बैराज से पानी के साथ बहकर यहां पहुंचा होगा। तेज जल प्रवाह के कारण फिलहाल रेस्क्यू संभव नहीं है और वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।

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five Foot Gharial Spotted in Rajasthan Indira Gandhi Canal for the First Time
जैसलमेर की नहर में मिला 5 फीट लंबा घड़ियाल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्र से एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार करीब पांच फीट लंबा घड़ियाल दिखाई दिया है। इस असामान्य घटना ने ग्रामीणों के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करते हुए यहां तक पहुंचा हो सकता है।
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वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
जानकारी के अनुसार, नाचना क्षेत्र के अवाय गांव के दो ग्रामीण इंदिरा गांधी नहर के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर नहर के बीचों-बीच तैर रहे एक बड़े जलीय जीव पर पड़ी। पहले उन्हें लगा कि यह कोई सामान्य जीव होगा, लेकिन करीब से देखने पर उसका आकार घड़ियाल जैसा दिखाई दिया। दोनों ने तुरंत अपने मोबाइल फोन से उसकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
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कई दिनों से नहर में दिख रहा था घड़ियाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि घड़ियाल पिछले कुछ दिनों से शाम के समय नहर में दिखाई दे रहा था। शुरुआत में लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद इसकी पुष्टि हुई कि यह वास्तव में घड़ियाल है। ग्रामीणों के मुताबिक अब यह अवाय गांव से आगे बढ़कर पोकरण लिफ्ट क्षेत्र की ओर पहुंच चुका है।
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वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य नहर में पानी का बहाव काफी तेज है, इसलिए फिलहाल घड़ियाल का रेस्क्यू करना संभव नहीं है। जैसे ही वह किसी कम गहराई वाले हिस्से या सुरक्षित स्थान पर पहुंचेगा, विशेषज्ञों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।

रेगिस्तान में पहली बार मिला घड़ियाल
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में घड़ियाल मिलने का यह पहला आधिकारिक मामला है। सामान्यतः घड़ियाल साफ और गहरी नदियों में पाए जाते हैं। ऐसे में रेगिस्तान की नहर में इसका दिखाई देना वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए भी अध्ययन का विषय बन गया है।

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इंसानों के लिए नहीं है खतरा
उप वन संरक्षक एवं वन्यजीव विशेषज्ञ कुमार शुभम ने बताया कि घड़ियाल मगरमच्छ परिवार का सदस्य जरूर है, लेकिन इसकी शारीरिक बनावट सामान्य मगरमच्छ से अलग होती है। इसका लंबा और पतला जबड़ा मुख्य रूप से मछलियां पकड़ने के लिए विकसित होता है। इसलिए यह सामान्य परिस्थितियों में इंसानों पर हमला नहीं करता। हालांकि, सुरक्षा के मद्देनजर लोगों से नहर के किनारे भीड़ न लगाने और घड़ियाल से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

वन विभाग की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से कहा है कि घड़ियाल को देखने के लिए नहर में उतरने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें। यदि किसी स्थान पर यह दिखाई दे तो तुरंत विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। साथ ही किसी भी तरह से उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें।

 
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