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Rajasthan: 'बीजेपी के दबाव में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने दिया इस्तीफा', बेनीवाल का तंज...कहा- स्पष्ट करना चाहिए
Wed, 23 Jul 2025 09:09 AM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 09:09 AM IST
सार
Rajasthan: सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उन्हें सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया है और क्या वास्तव में बीजेपी का कोई दबाव था। अगर उन्होंने छह महीने बाद स्पष्टीकरण दिया तो जनता उसे केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश मानेगी।
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नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नागौर सांसद और राष्ट्रपति लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धनखड़ ने राज्यसभा के सत्र के बीच में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जो त्याग पत्र दिया है, वह दरअसल भारतीय जनता पार्टी के दबाव का परिणाम है। बेनीवाल ने कहा, अगर यह इस्तीफा वास्तव में स्वास्थ्य कारणों से होता, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पुनर्विचार की सलाह जरूर देते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि वह एनडीए के विरोध में रहते हुए भी क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ के समर्थन में खड़े हुए थे और उन्हें वोट दिया था। लेकिन उपराष्ट्रपति बनने के बाद धनखड़ ने कई मौकों पर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं उजागर कीं।
पढ़ें: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली अंतरराष्ट्रीय विधायक सम्मेलन में होंगे शामिल, अमेरिका के लिए हुए रवाना
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सांसद ने कहा कि उन्हें सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया है और क्या वास्तव में बीजेपी का कोई दबाव था। अगर उन्होंने छह महीने बाद स्पष्टीकरण दिया तो जनता उसे केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश मानेगी। हनुमान बेनीवाल के इस बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है और अब निगाहें पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की ओर हैं कि वे इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि वह एनडीए के विरोध में रहते हुए भी क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ के समर्थन में खड़े हुए थे और उन्हें वोट दिया था। लेकिन उपराष्ट्रपति बनने के बाद धनखड़ ने कई मौकों पर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं उजागर कीं।
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सांसद ने कहा कि उन्हें सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया है और क्या वास्तव में बीजेपी का कोई दबाव था। अगर उन्होंने छह महीने बाद स्पष्टीकरण दिया तो जनता उसे केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश मानेगी। हनुमान बेनीवाल के इस बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है और अब निगाहें पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की ओर हैं कि वे इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।