फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Shocking Theft Thief Steals Ancient Idol Over Rumors of Hidden Gems Buries Fragments in Field

राजस्थान: ठाकुर जी की मूर्ति में छिपे खजाने का था भ्रम, लालच में चुराकर कर दिए टुकड़े; ऐसे खुला राज

Sat, 20 Jun 2026 01:18 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Sat, 20 Jun 2026 01:18 PM IST
सार

जयपुर के आमेर क्षेत्र स्थित प्राचीन ठाकुर लक्ष्मीनारायण मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की मूर्ति का पुलिस ने 14 दिन में खुलासा कर दिया। आरोपी ने मूर्ति में कीमती रत्न होने के भ्रम में उसे चुराकर खेत में तोड़ दिया और अवशेष दफना दिए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

विज्ञापन
Shocking Theft Thief Steals Ancient Idol Over Rumors of Hidden Gems Buries Fragments in Field
साईवाड़ निवासी 18 वर्षीय गणेश शर्मा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जयपुर उत्तर जिले के आमेर थाना क्षेत्र में स्थित साईवाड़ गांव के प्राचीन ठाकुर लक्ष्मीनारायण मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की मूर्ति के मामले का पुलिस ने महज 14 दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया है। आरोपी की निशानदेही पर खेत से मूर्ति के खंडित अवशेष भी बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन


5 जून को चोरी हुई थी मूर्ति
पुलिस उपायुक्त (जयपुर उत्तर) करन शर्मा ने बताया कि 5 जून 2026 को मंदिर के पुजारी रामजीलाल शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मंदिर से करीब दो फीट ऊंची अष्टधातु निर्मित भगवान श्री लक्ष्मीनारायण की प्राचीन मूर्ति चोरी हो गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था और लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीरज पाठक और सहायक पुलिस आयुक्त सुरेन्द्र सिंह राणावत के निर्देशन में आमेर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। टीम ने मंदिर के आसपास और आने-जाने वाले मार्गों पर लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही लगभग 1000 मोबाइल नंबरों की बीटीएस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया गया।
विज्ञापन


स्थानीय लोगों को था संदेह
जांच के दौरान पुलिस का संदेह स्थानीय लोगों पर गया। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर साईवाड़ निवासी 18 वर्षीय गणेश शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपने एक साथी बालक के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई महीनों से इंटरनेट पर प्राचीन मूर्तियों की कीमत और उनकी बिक्री से जुड़ी जानकारी जुटा रहा था। उसे भ्रम था कि मंदिर की पुरानी मूर्ति के भीतर नीलम या अन्य बहुमूल्य रत्न छिपे हो सकते हैं। इसी लालच में उसने बिजली कटौती के दौरान मंदिर से मूर्ति चुरा ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  राजस्थान: नौकरी बचाने की एवज में मांग रही थीं 35 हजार की रिश्वत, एसीबी ने तीन कर्मियों को 10 हजार लेते दबोचा

मूर्तियों को कई टुकड़ों में बदला
चोरी के बाद आरोपी मूर्ति को गांव के बाहर अपने ज्वार के खेत में ले गया और कीमती वस्तुओं की तलाश में उसे तोड़कर कई टुकड़ों में बदल दिया। बाद में सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसने प्रतिमा के अवशेष खेत में ही गाड़ दिए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खुदाई कर मूर्ति के खंडित हिस्से बरामद कर लिए हैं। फिलहाल, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का किसी अंतरराज्यीय मूर्ति तस्कर गिरोह से कोई संबंध तो नहीं है। मामले में आगे की जांच जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed