{"_id":"655331f690ad9ce86a0403ab","slug":"rishabh-jain-of-jaipur-returned-from-dubai-after-winning-gold-medal-2023-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan News: जयपुर के ऋषभ जैन दुबई से गोल्ड मेडल जीतकर लौटे, 14 साल की उम्र में रैकेट हाथ में पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan News: जयपुर के ऋषभ जैन दुबई से गोल्ड मेडल जीतकर लौटे, 14 साल की उम्र में रैकेट हाथ में पकड़ा
Tue, 14 Nov 2023 02:08 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 14 Nov 2023 02:08 PM IST
सार
Jaipur: जयपुर के ऋषभ जैन ने 4 से 7 नवंबर तक दुबई में हुई साउथ एशियन चैंपियनशिप में बैडमिंटन में गोल्ड मेडल जीता है। ऋषभ ने फाइनल में नाइजीरियन खिलाड़ी को तीन सेट के मुकाबले में शिकस्त दी। पहला सेट जीतने के बाद ऋषभ को दूसरे सेट में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने तीसरे सेट को जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
विज्ञापन
जयपुर के ऋषभ जैन दुबई से गोल्ड मेडल जीतकर लौटे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जयपुर के मुरलीपुरा के रहने वाले ऋषभ जैन ने साउथ एशियन चैंपियनशिप की बैडमिंटन कॉम्पिटिशन सिंगल मेन्स कैटेगरी में 16 देशों के खिलाड़ियों से मुकाबला कर गोल्ड मेडल जीता है। ऋषभ जैन ने 4 से 7 नवंबर तक दुबई में हुई साउथ एशियन चैंपियनशिप में बैडमिंटन में गोल्ड मेडल जीता है।
तीन सेट के मुकाबले में शिकस्त दी
बता दें कि ऋषभ ने फाइनल में नाइजीरियन खिलाड़ी को तीन सेट के मुकाबले में शिकस्त दी। पहला सेट जीतने के बाद ऋषभ को दूसरे सेट में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने तीसरे सेट को जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। ऋषभ इससे पहले 2 नेशनल और 2 इंटरनेशनल गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। इधर, ऋषभ ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को क्रिकेट खेलते देखा तो उनको प्रेरणा मिली और उन्होंने खेल में ही अपना करियर बनाने के बारे में सोचा।
एकेडमी आने-जाने में होती परेशानी
इसके साथ ही बता दें कि 14 साल की उम्र में पहली बार बैडमिंटन रैकेट हाथ में पकड़ा। इसके बाद उनके पिता ने उनको एकेडमी जॉइन करा दी। प्रैक्टिस के लिए वैशाली नगर स्थित अकादमी में अकेले ही बस में बैठकर आते जाते थे। शुरुआत में अकेले घर से एकेडमी आने-जाने में परेशानी होती थी, लेकिन खेल के प्रति जुनून के कारण परेशानियों को भूलकर खेल पर ध्यान दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन सेट के मुकाबले में शिकस्त दी
बता दें कि ऋषभ ने फाइनल में नाइजीरियन खिलाड़ी को तीन सेट के मुकाबले में शिकस्त दी। पहला सेट जीतने के बाद ऋषभ को दूसरे सेट में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने तीसरे सेट को जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। ऋषभ इससे पहले 2 नेशनल और 2 इंटरनेशनल गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। इधर, ऋषभ ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को क्रिकेट खेलते देखा तो उनको प्रेरणा मिली और उन्होंने खेल में ही अपना करियर बनाने के बारे में सोचा।
विज्ञापन
एकेडमी आने-जाने में होती परेशानी
इसके साथ ही बता दें कि 14 साल की उम्र में पहली बार बैडमिंटन रैकेट हाथ में पकड़ा। इसके बाद उनके पिता ने उनको एकेडमी जॉइन करा दी। प्रैक्टिस के लिए वैशाली नगर स्थित अकादमी में अकेले ही बस में बैठकर आते जाते थे। शुरुआत में अकेले घर से एकेडमी आने-जाने में परेशानी होती थी, लेकिन खेल के प्रति जुनून के कारण परेशानियों को भूलकर खेल पर ध्यान दिया।
विज्ञापन