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Rajasthan: इंसानों की जान ले रहे रणथंभौर के बाघ का भविष्य तय करने की तैयारी, वन विभाग ने बनाई कमेटी

Wed, 14 May 2025 11:51 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 14 May 2025 11:51 AM IST
सार

Rajasthan: बीते एक महीने में दो इंसानों की जान ले चुके रणथंभौर के बाघ का भविष्य तय करने के लिए वन विभाग ने 5 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी इस बात की जांच करेगी कि किन परिस्थियों में बाघ ने इंसानों पर हमला कर उनकी जान ली। 

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Rajasthan: Preparations underway to decide the future of Ranthambore tiger that is killing humans
रणथंभौर टाइगर रिजर्व आक्राम हुए बाघ। - फोटो : AI

विस्तार

राजस्थान की टाइगर सेंचुरी रणथंभौर में इंसानों की जान वाले बाघ को लेकर वन विभाग ने एक कमेटी बना दी है। बीते दिनों रणथंभौर में इंसानों पर बाघ के जानलेवा हमले की दो बड़ी घटनाएं हुईं। इनमें 16 अप्रेल को रणथंभौर में गणेश मंदिर जा रहे एक 7 वर्षीय बालक की मौत हो गई और हाल में वन विभाग के अधिकारी की भी बाघ ने जान ले ली। जानकारी के अनुसार दोनों मामलों में एक ही टाइगर होने की पुष्टि हुई है। यह बाघिन एरोहैड का शावक है जो अभी 20 माह का है। 
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वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रोटोकॉल के अनुसार ही यह कमेटी गठित की गई है। इसमें NTCA के प्रतिनिधि के अलावा चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन, स्थानीय एनजीओ, पंचायत प्रतिनिधि तथा फील्ड डायरेक्टर शामिल किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि जब बाघ पर इंसानी जान लेने का संदेह होता है तो इस तरह की कमेटी बनाने का स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल होता है। कमेटी पूरी घटना की विस्तृत जांच करेगी और इस संबंध में आगे क्या कदम उठाने चाहिए उस पर भी अपनी राय देगी।
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कमेटी यह बताएगी कि क्या बाघ का इंसान पर हमला अचानक हुई घटना मात्र थी या फिर यह इंसानों को मारकर खाने का आदि हो चुका है। विभाग के अधिकारियों का सुझाव है कि रिपोर्ट आने के बाद यदि पुष्टि होती है तो इस बाघ को जूलोजिकल पार्क में रखना या अन्यत्र स्थानांत्रित करना ही उचित होगा।
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वन विभाग के अधिकारियों का यह भी मानना है कि एरोहैड अपने बच्चों के लिए अब शिकार मारकर लाने में समर्थ नहीं हो पा रही और इसके बच्चे अपने आस-पास इंसानों की मौजूदगी के आदी हो गए हैं।  ऐसे ही किसी मामले में इंसान और बाघ के बीच की दूरी शायद कम हो गई जिससे टाइगर ने घबराकर हमला कर दिया। जिस वक्त रेंजर पेट्रोलिंग करते हुए जंगल में रुक गए थे उस वक्त टाइगर वहां मौजूद था। इसलिए टाइगर ने उन पर अचानक हमला कर दिया। 
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