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Rajasthan News: विशेष अधिकारियों के तबादलों पर कांग्रेस का तंज- क्या अब हर पद के लिए दिल्ली से आएगी पर्ची?
Sat, 03 Feb 2024 10:32 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 03 Feb 2024 10:32 AM IST
सार
Jaipur: प्रदेश की नई सरकार जिस तरह से मंत्रियों के ऑफिसों में लगे उनके खास अधिकारियों के तबादले कर रही है, उससे लगने लगा है कि अब मंत्रियों को भी सरकार के तय दायरे में रहकर ही काम करना पड़ेगा।
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राजस्थान सचिवालय
- फोटो : साेशल मीडिया
विस्तार
कल देर शाम जारी तबादलों की सूची में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के ओएसडी गोपाल सिंह को एपीओ करने के बाद दबे सुर में यह बात उठने लगी है कि क्या अब मंत्रियों को अपने विशेष अधिकारी लगाने के लिए भी सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके पहले डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के ओएसडी आरएएस सावन कुमार को भी कुछ दिन बाद ही हटा दिया गया था।
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इतना ही नहीं कुछ दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्रसिंह खीवंसर ने भी दो विशेष अधिकारी नियुक्त किए थे, जिनके नियुक्ति के आदेश पर सरकार ने रोक लगा दी थी। जिस तरह से सरकार एक झटके में मंत्रियों के खास अफसरों को बदल रही है, उससे ऐसा लग रहा है कि राजस्थान में अब मंत्रियों को भी तय दायरे में ही रहना होगा।
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इधर तबादला सूची में लगातार हो रहे फेरबदल पर तंज कसते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सोशल मीडिया पर सूची साझा करते हुए सवाल किया कि जब दोनों अधिकारी सीएम की स्वीकृति से लगाए गए थे तो चंद दिनों में ही क्यों हटा दिए गए? उन्होंने पूछा कि क्या उपमुख्यमंत्री अपनी बुद्धि, विवेक से अपने कार्यालय में अधिकारी भी नहीं रख सकते, ऐसा है तो फिर हर पद के लिए पहले ही दिल्ली से पर्ची मंगवाओ।
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प्रदेश में अब तक की सरकारों में मंत्रियों को अपने विशेष अधिकारी और ऑफिस स्टाफ नियुक्त करने की छूट रहती थी लेकिन ऐसा पहली बार है कि जब डिप्टी सीएम और मंत्रियों के ऑफिस स्टाफ और विशेष अधिकारियों की नियुक्ति पर इतना विवाद हो रहा है।