फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   rajasthan high court assistant professor recruitment 847 posts rpsc 2021 2025

राजस्थान न्यूज: सहायक प्रोफेसर भर्ती को हरी झंडी, 847 पदों पर नियुक्तियों का रास्ता साफ

Thu, 29 Oct 2026 12:41 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Thu, 29 Oct 2026 12:41 PM IST
सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में सहायक प्रोफेसर भर्ती से जुड़े मामले में राज्य सरकार और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की अपील स्वीकार कर ली है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने एकलपीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें वर्ष 2021 की भर्ती का परिणाम निरस्त कर संशोधित नियमों के तहत दोबारा जारी करने का निर्देश दिया गया था।

विज्ञापन
rajasthan high court assistant professor recruitment 847 posts rpsc 2021 2025
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राजस्थान हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में सहायक प्रोफेसर भर्ती को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की अपील स्वीकार करते हुए एकलपीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें वर्ष 2021 की भर्ती का परिणाम निरस्त कर संशोधित नियमों के तहत दोबारा जारी करने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ के इस फैसले से चिकित्सा शिक्षा विभाग में सहायक प्रोफेसर के करीब 847 पदों पर नियुक्तियों का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। इनमें वर्ष 2021 के विज्ञापन के तहत 397 और वर्ष 2025 के विज्ञापन के तहत करीब 450 पद शामिल हैं। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने अदालत में पक्ष रखा।

विज्ञापन

दो प्रमुख भर्तियों में अटकी नियुक्तियों का रास्ता खुला

एकलपीठ के पहले के आदेश के कारण वर्ष 2021 में निकाली गई सहायक प्रोफेसर भर्ती के करीब 397 पदों पर नियुक्तियां रुकी हुई थीं। इस भर्ती को लेकर अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण आरपीएससी वर्ष 2025 में विज्ञापित करीब 450 पदों पर भी नियुक्तियां जारी नहीं कर पा रहा था।

विज्ञापन

इसकी प्रमुख वजह यह थी कि कई अभ्यर्थियों ने दोनों भर्ती परीक्षाओं में हिस्सा लिया था। ऐसे में यदि किसी अभ्यर्थी को वर्ष 2025 की भर्ती में नियुक्ति मिल जाती और बाद में उसका चयन वर्ष 2021 की भर्ती में भी हो जाता, तो वरिष्ठता को लेकर कानूनी और प्रशासनिक विवाद खड़े हो सकते थे। अब हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले से दोनों भर्तियों की अटकी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

27 नवंबर 2021 के भर्ती विज्ञापन से शुरू हुआ था विवाद

पूरा मामला 27 नवंबर 2021 को जारी सहायक प्रोफेसर भर्ती विज्ञापन से जुड़ा है। इसके माध्यम से चिकित्सा शिक्षा विभाग में 43 विषयों के कुल 397 पदों पर भर्ती की जानी थी। इसी भर्ती प्रक्रिया के तहत डॉ. रचिता माथुर ने स्किन एंड वीडी विषय में सहायक प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया था। इस विषय में केवल तीन पद विज्ञापित किए गए थे। आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण आरपीएससी ने 6 मई 2022 को स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की। इसके बाद 10 मई 2022 को हुई आयोग की बैठक में अंतिम चयन के लिए अंकों का भार निर्धारित किया गया। इसमें स्क्रीनिंग टेस्ट को 40 प्रतिशत, शैक्षणिक अंकों को 20 प्रतिशत और साक्षात्कार को 40 प्रतिशत वेटेज देने का फैसला किया गया।

नियमों में संशोधन के बाद उठे थे सवाल

इसी बीच राज्य सरकार ने 23 मई 2022 को भर्ती नियमों में संशोधन कर दिया। संशोधित नियम 19 के अनुसार, चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार के अंक कुल पूर्णांक के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकते थे। याचिकाकर्ता डॉ. रचिता माथुर का तर्क था कि भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी, इसलिए चयन में नए संशोधित नियम लागू किए जाने चाहिए। उन्होंने साक्षात्कार के लिए निर्धारित 40 प्रतिशत वेटेज को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की थी। एकलपीठ ने इस मामले में वर्ष 2021 की भर्ती का परिणाम निरस्त कर संशोधित नियमों के अनुसार दोबारा परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद राज्य सरकार और आरपीएससी ने इस आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी।

खंडपीठ ने बताया, भर्ती शुरू होने के समय के नियम रहेंगे लागू

मामले का निस्तारण करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया विज्ञापन जारी होने के साथ शुरू होती है और पदों को भरने तक जारी रहती है। सामान्य नियम के अनुसार, भर्ती शुरू होने के समय लागू नियम ही पूरी प्रक्रिया पर प्रभावी रहते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमों में संशोधन को पुरानी भर्ती पर तभी लागू किया जा सकता है, जब संशोधन में स्पष्ट रूप से पूर्वव्यापी प्रभाव का प्रावधान हो। न्यायालय के अनुसार, 23 मई 2022 को अधिसूचित संशोधित नियम उसी तारीख से लागू हुए थे और उनमें पूर्वव्यापी प्रभाव का कोई उल्लेख नहीं था। इसलिए नवंबर 2021 में शुरू हुई भर्ती पर साक्षात्कार के लिए 10 प्रतिशत की नई सीमा लागू नहीं की जा सकती।

40 प्रतिशत साक्षात्कार वेटेज को मनमाना नहीं माना

खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए यह भी माना कि चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार के अंकों का निर्धारण विशेषज्ञ समिति और संबंधित सेवा की जरूरतों पर निर्भर करता है। ऐसे में सहायक प्रोफेसर भर्ती में साक्षात्कार के लिए 40 प्रतिशत वेटेज निर्धारित करने को मनमाना या गलत नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट के इस फैसले से वर्ष 2021 और वर्ष 2025 की सहायक प्रोफेसर भर्तियों में नियुक्तियों को लेकर बनी कानूनी अड़चन दूर होने की उम्मीद है। दोनों भर्तियों के तहत करीब 847 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। हालांकि, नियुक्तियों की वास्तविक स्थिति आरपीएससी और संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed