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Rajasthan News: खेजड़ी संरक्षण के लिए सरकार लाएगी नया कानून, मसौदा तैयार करने को छह सदस्यीय समिति का गठन
Mon, 09 Mar 2026 04:26 PM IST
Himanshu Priyadarshi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Himanshu Priyadarshi
Updated Mon, 09 Mar 2026 04:26 PM IST
सार
Khejri Conservation New Law: राजस्थान सरकार खेजड़ी सहित पेड़ों के संरक्षण के लिए नया ‘वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ लाने की तैयारी कर रही है। कानून का मसौदा तैयार करने के लिए कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित की गई है।
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कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में कानून का मसौदा तैयार करने को छह सदस्यीय समिति गठित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान में राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार अब नया कानून लाने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा विधानसभा में दिए गए आश्वासन के बाद ‘वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ का मसौदा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। इसी क्रम में सरकार ने प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है, जो खेजड़ी सहित अन्य पेड़ों के संरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर विचार कर अधिनियम का प्रारूप तैयार करेगी।
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कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में बनी समिति
मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इनके साथ प्रमुख शासन सचिव (विधि), अतिरिक्त महाधिवक्ता महावीर विश्नोई और राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता कुणाल विश्नोई को भी समिति में सदस्य बनाया गया है। इस समिति का प्रशासनिक विभाग राजस्व विभाग रहेगा और इसके शासन सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के गठन के साथ ही कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में इसकी पहली बैठक भी आयोजित की गई।
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अन्य राज्यों के कानूनों का होगा तुलनात्मक अध्ययन
समिति देश के विभिन्न राज्यों में लागू वृक्ष संरक्षण से जुड़े कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन करेगी। इसके साथ ही विभिन्न हितधारकों की राय, न्यायालयों के फैसलों और मौजूदा प्रावधानों का भी विश्लेषण किया जाएगा। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समिति एक महीने के भीतर अधिनियम का प्रारूप तैयार कर सरकार को सौंपेगी। इसके बाद सरकार विधि विशेषज्ञों की राय लेकर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
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सभी प्रकार की जमीनों पर लागू किए जाएंगे प्रावधान
वर्तमान में राज्य में पेड़ों की कटाई से जुड़ा प्रावधान मुख्य रूप से कृषि भूमि तक सीमित है, जहां काश्तकारी कानून के तहत अनुमति और अवैध कटाई पर दंड का प्रावधान है। प्रस्तावित नए कानून के तहत आवंटित, रूपांतरित, अधिग्रहित और आबादी भूमि सहित सभी गैर-कृषि उपयोग वाली जमीनों पर भी वृक्ष संरक्षण के कड़े नियम लागू किए जाएंगे। इन जमीनों पर अधिकृत अधिकारी की अनुमति के बिना पेड़ हटाना संभव नहीं होगा और केवल न्यूनतम आवश्यक पेड़ हटाने की अनुमति दी जाएगी।
खेजड़ी की कटाई के विरोध में चला था आंदोलन
बीकानेर सहित मरुस्थलीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के आरोप सामने आने के बाद पर्यावरण प्रेमियों और संतों ने आंदोलन शुरू किया था। बीकानेर में विश्नोई धर्मशाला के पास करीब 11 दिनों तक महापड़ाव और अनशन चला। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को सरकार के प्रतिनिधियों और संतों के बीच हुई वार्ता के बाद राजस्व विभाग ने पूरे राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। अब सरकार इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने के लिए वृक्ष संरक्षण कानून लाने की दिशा में काम कर रही है।