{"_id":"6823137746508741ea066b34","slug":"rajasthan-govt-created-e-inquiry-portal-for-departmental-investigation-related-cases-will-be-resolved-online-2025-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan News: विभागीय जांच के लिए सरकार ने बनाया ई-इन्क्वायरी पोर्टल, संबंधित मामलों का होगा ऑनलाइन निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan News: विभागीय जांच के लिए सरकार ने बनाया ई-इन्क्वायरी पोर्टल, संबंधित मामलों का होगा ऑनलाइन निस्तारण
Tue, 13 May 2025 03:10 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 13 May 2025 03:10 PM IST
सार
Jaipur News राजस्थान सरकार ने विभागीय जांच से संबंधित मामलों के जल्द निस्तारण के लिए ई-जांच यानी ई-इन्क्वायरी पोर्टल बनाया है। यह देश का पहला पोर्टल होगा, जो विभागीय जांच से संबंधित मामलों का ऑनलाइन निस्तारण करेगा।
विज्ञापन
विभागीय जांच के लिए सरकार ने बनाया ई-इन्क्वायरी पोर्टल
- फोटो : AI Image- Freepik
विस्तार
राजस्थान के सरकारी विभागों में कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के हजारों मामले लंबित चल रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 14 से 15 हजार मामले पिछले दो से तीन साल से लंबित चल रहे हैं। जबकि 300 मामले ऐसे है, जो पांच से 10 साल से लंबित हैं। इन मामलों की जांच विभागीय स्तर पर होती है, लेकिन इसमें आमतौर पर काफी समय लगता है और कई बार तो कर्मचारी रिटायर तक हो जाते हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Rajasthan News: किशनगढ़ वकील की गिरफ्तारी से भड़के अधिवक्ता, अजमेर में उग्र प्रदर्शन, पुलिस सतर्क
विज्ञापन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी गुरुवार को इन विभागीय जांचों के संबंध में ली गई बैठक में इस दिशा में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। जांच समय पर पूरी कर संबंधित कर्मचारी को दंडित करने के लिए ही ई-इन्क्वायरी पोर्टल पोर्टल बनाया गया है। इसके लिए राजस्थान के कार्मिक विभाग की तरफ से विभागीय जांच से संबंधित नोडल अफसरों और सचिवों और संबंधित विभागाध्यक्षों को पोर्टल पर ट्रेनिंग देने के लिए पत्र लिखा जा चुका है।
विज्ञापन
यह है स्थिति विभागीय जांचों की
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी प्रदेश के 22 आईएएस अफसरों के खिलाफ 17 ए के तहत जांच की अनुमति राज्य सरकार से मांग रही है। वहीं, ऊर्जा विभाग में विभागीय जांच के 4000 से ज्यादा मामले लंबित हैं। जबकि शिक्षा विभाग में 3000 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। इधर, गृह विभाग में भी विभागीय जांच से संबंधित 2500 मामले लंबित हैं। इनके अलावा कार्मिक विभाग में 1400 मामले लंबित हैं। सौ से अधिक मामलों में जांच के लिए कार्मिक विभाग ने एसीबी को लिखा है, वहीं 50 मामलों में एसीबी ने कार्मिक विभाग के अभियोजन की स्वीकृति मांग रखी है।
यह भी पढ़ें- Rajasthan News: उम्मेदाराम के बयान पर मदन राठौड़ का कड़ा पलटवार, बोले- इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं
ई-डीपीसी पोर्टल भी हुआ लॉन्च
कार्मिक विभाग की तरफ से डीपीसी यानी पदोन्नति के लिए ई-डीपीसी पोर्टल भी बना लिया गया है। इसके लिए भी संबंधित विभागों को ट्रेनिंग दी जा रही है, लेकिन इस पोर्टल में कार्मिक के विभागीय जांच से संबंधित मामलों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पदोन्नति पर ऑनलाइन तरीके से फैसला हो सकेगा।