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Rajasthan: ऑटो मोड में प्रदेश का वित्त विभाग, बिना आवेदन के कर्मचारी के खाते में डाली स्टेट इंश्योरेंस की राशि

Tue, 09 Apr 2024 04:37 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Tue, 09 Apr 2024 04:37 PM IST
सार

Rajasthan Finance Department: वित्त विभाग इस वक्त ऑटो घोटाला मोड पर चल रहा है। रोज नई गड़बड़ी और नए तरह के घोटाले सामने आ रहे हैं। कर्मचारियों को दोहरे भुगतान के बाद अब उनके खातों में बिना आवेदन के स्टेट इंश्योरेंस के लोन का पेमेंट डाला जा रहा है।

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Rajasthan Finance Department State Insurance amount deposited in employee's account without application
वित्त विभाग के अफसर आए दिन कर रहे गड़बड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वित्त विभाग कितने काबिल अफसर चला रहे हैं इसका एक और नमूना सामने आया है। मार्च महीने का वेतन कर्मचारियों के खातों में दो-दो बार डाला ही गया और अब ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं जब कर्मचारियों के आवेदन किए बिना ही उसके खाते में स्टेट इंश्योरेंस के लोन की राशि डाल दी गई।  उक्त कार्मिक का SI  Loan  2022 में रिजेक्ट हो चुका था। लेकिन,  2024 में ऑटो पेमेंट से उसी कार्मिक के खाते में लोन की राशि डाल दी गई। यह सब IFMS 3.0 के ऑटो पेमेंट सिस्टम की बदौलत हुआ है। अब  विभाग ने कार्मिक का बैंक अकाउंट होल्ड कर दिया। 

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ऐसा यह सिर्फ इकलौता मामला नहीं है। राजस्थान में पिछली सरकार ने डॉक्टर्स के रिटायरमेंट की आयु सीमा 62 साल कर दी थी। अब वित्त विभाग के अफसरों की कारगुजारी से डॉक्टर्स के 60 साल की उम्र पर आते ही उनके खातों में रिटायरमेंट बेनिफिट्स डालने शुरू कर दिए।
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वित्त मंत्री को भी दिया गलत स्पष्टिकरण
कर्मचारियों को दोहरे भुगतान के मामले में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी के ऑफिस ने वित्त विभाग से स्पष्टिकरण मांग लिया। लेकिन, वित्त विभाग के अफसरों ने अपनी खाल बचाने के लिए सारा ठीकरा डीडीओ के सर फोड़ दिया। स्पष्टिकरण में कहा गया कि थोड़े बहुत पेमेंट डबल हुए हैं, जबकि यह संख्या हजारों में है। इसके साथ ही स्पष्टिकरण में सारी जिम्मेदारी डीडीओ के सर डाल दी गई, जबकि यह सारा मामला ऑटो पेमेंट सिस्टम से जुड़ा है और बिलों के ECS का अधिकार वित्त विभाग में सिर्फ वेज एंड मीन्स के ज्वाइंट सेक्रेट्री पवन जैमन के पास है।

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