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Rajasthan Exclusive: धूल फांक रहे हैं पदोन्नति के लिए बने सरकारी कैलेंडर, मुख्य सचिव के आदेश दरकिनार

Fri, 03 May 2024 02:52 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Fri, 03 May 2024 02:52 PM IST
सार

सरकारी विभागों में कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर डीपीसी की समयबद्ध बैठकों के लिए बनाए गए कैलेंडर धूल फांक रहे हैं। हालत यह है कि समय पर डीपीसी करवाने के सीएस के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है।

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Rajasthan Exclusive: Government calendars made for promotions are gathering dust, CS's orders ignored
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकारी कर्मचारियों के लिए विभागीय पदोन्नति को लेकर सरकार में DPC(डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी ) की समयबद्ध बैठकों के लिए जो कैलेंडर पिछले साल तैयार किया गया था, उसे अफसरों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। यही नहीं पिछले दिनों मुख्य सचिव सुधांश पंत ने विभागों को समयबद्ध DPC करवाने के जो निर्देश दिए थे, उनकी भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई कैडर्स की हालत तो यह है कि नई DPC हुई नहीं और पुरानी DPC की पोस्टिंग अब तक पेंडिंग चल रही है।

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प्रदेश में लाखों कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए डीपीसी नहीं हो पा रही है। इसकी वजह विभागों को चलाने वाले IAS अफसर ही हैं, जो न तो सरकारी कैलेंडर को फॉलो कर रहे हैं और न ही मुख्य सचिव के आदेशों को। हालत यह है कि न तो सचिवालय में डीपीसी हो रही है और न ही अधीनस्थ विभागों में। सरकार में लगभग साढ़े 8 लाख कर्मचारी हैं लेकिन इनमें से किसी भी कैडर की डीपीसी अब तक नहीं हुई है। डीपीसी नहीं होने से न सिर्फ इनके प्रमोशन अटके पड़े हैं बल्कि इन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। 
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निर्देश देने वाले विभाग ने ही नहीं की डीपीसी

गौरतलब है कि प्रमोशन में देरी को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी देखते हुए पिछले साल सरकार के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने डीपीसी का कैलेंडर तैयार किया था। इनमें एक अप्रैल को सीनियरटी लिस्ट जारी कर उसके बाद तत्काल प्रभाव से डीपीसी करवाई जानी थी लेकिन बहुत सारे कैडर्स में तो अब तक लिस्ट भी जारी नहीं हुई है। इतना ही नहीं प्रमोशन का कैलेंडर जारी करने वाले कार्मिक विभाग ने भी अब तक डीपीसी नहीं करवाई है।
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मुख्य सचिव सुधांशु पंत ने भी पिछले दिनों विभागों की रिव्यू मीटिंग लेकर समय पर डीपीसी करने के निर्देश जारी किए थे लेकिन ज्यादातर महकमों ने अभी डीपीसी के लिए RPSC को चिट्ठी ही नहीं लिखी। 

वित्त विभाग के हाल और भी खराब

डीपीसी को लेकर वित्त विभाग की हालत तो और भी ज्यादा खराब है। यहां इस साल की डीपीसी तो पेंडिंग है ही पिछली 4 डीपीसी को पोस्टिंग ही नहीं दी। सहायक लेखाधिकारी द्वितीय से प्रथम की डीपीसी 2020 से 2024 तक हो चुकी लेकिन इनमें से एक को भी पदस्थापन नहीं दिया गया। वहीं AAO फर्स्ट से AO के लिए अभी 2022-23 की डीपीसी भी पेंडिंग चल रही है।

नहीं हुआ प्रमोशन के पदों का बंटवारा

मेडिकल डिपार्टमेंट में देखें तो यहां डीपीसी होने के कोई आसार भी नहीं हैं क्योंकि यहां पिछली साल सरकार की ओर से बांटे गए प्रमोशन के अतिरिक्त पदों का बंटवारा ही नहीं हुआ। जब तक इन पदों का बंटवारा नहीं होता तब तक डीपीसी भी नहीं हो सकती।

इन कैडर्स की होनी है डीपीसी

आरएस, आरपीएस, डीटीए, राज्य सेवा के अधिकारी, सचिवालय अधिकारी, नॉन गजेटेड,  अधीनस्थ मंत्रालयिक, शैक्षणिक, पैरा मेडिकल, नर्सिंग और मंत्रालयिक विभाग।

 राज. राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष मनोज सक्सेना का कहना है कि सरकार को तत्काल रूप से अपने आदेशों की पालना करवानी चाहिए। DPC नहीं होने से कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।


उधर राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सीताराम जाट का कहना है कि शासन सचिवालय में अधिकारी संवर्ग की डीपीसी एक अप्रैल की स्थिति में ड्यू है जबकि कार्मिक विभाग के निर्देश हैं कि फाइनल सीनियरिटी जारी कर तत्काल प्रभाव से डीपीसी कर देनी चाहिए।

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