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Rajasthan Election 2023: प्रियंका गांधी आज राजस्थान दौरे पर, दौसा में ERCP मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरेंगी
Fri, 20 Oct 2023 09:10 AM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Fri, 20 Oct 2023 09:10 AM IST
सार
सार- पूर्वी राजस्थान के जो 13 जिले विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस को बंपर सीटें देने वाले साबित हुए अब वहां एक बार फिर कांग्रेस ईआरसीपी के मुद्दे को लेकर मैदान में उतर चुकी है। आज कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी सिकराय में सभा करेंगी जो ईआरसीपी प्रभाावित क्षेत्र है।
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प्रियंका गांधी वाड्रा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्वी राजस्थान विधानसभ चुनाव 2018 में कांग्रेस के लिए सत्ता का एंट्री गेट बना था। यहां की 83 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस ने 49 अपने कब्जे में की थी और भाजपा महज 25 सीटों पर सिमट कर रह गई। अब चुनाव एक बार फिर सर पर हैं और पूर्वी राजस्थान के इन 13 जिलों को लेकर कांग्रेस-भाजपा के बीच घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस ने चुनावों से एन पहले ERCP (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) को लेकर इन जिलों में जनजागरण अभियान शुरू कर दिया है। ERCP के अंतर्गत आने वाले दौसा जिले की सिकराय विधानसभा में आज को प्रियंका गांधी बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगी। चुनावों में यह उनका पहला दौरा भी है। सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी आज दोपहर एक बजे तक दौसा के कांदौली गांव (सिकराय) पहुंचेंगी। प्रियंका की सभा से पहले सचिन पायलट सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता सभा स्थल का दौर कर चुके हैं। आचार संहिता लगने के बाद दौसा जिले में पहली बड़ी सभा है। सिकराय में प्रियंका गांधी कांग्रेस के जन जागरण अभियान के समापन पर सभा को संबोधित करेंगी. इस दौरान वे ईआरसीपी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरेंगी।
पीएम को चिट्ठी लिखकर लगातार मुद्दा जिंदा रखा
सीएम अशोक गहलोत इस मुद्दे का सियासी असर अच्छे से जानते हैं। इसलिए पिछले पांच सालों में उन्होंने लगातार इस मुद्दे को गरमाए रखा। गहलोत आरोप लगाते रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के अपने चुनावी वादे से पलट गए। ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने की मांग को लेकर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को 11 बार पत्र लिखे।
परियोजना की डीपीआर के मुताबिक लागत- 37247 करोड़
परियोजना की डीपीआर के मुताबिक राजस्थान के 26 बड़े और मध्यम आकार की सिंचाई परियोजनाओं को इसका फायदा मिलना है। कमांड एरिया में 2 लाख हैक्टेयर की नई भूमि शामिल करने की बात डीपीआर में है। वर्तमान स्थिति: परियोजना की डीपीआर 19 नवंबर 2017 को सीडब्लूसी को भेजी जा चुकी है। इस डीपीआर पर मध्यप्रदेश ने आपत्ति करते हुए इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा दी।
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बचाव में अब तक भाजपा के बयान
इधर भाजपा अब तक इस मुद्दे की कोई सियासी काट नहीं ढूंढ पाई है। हालांकि उसके नेता लगातार इस मुद्दे पर सफाई भरे बयान देते हैं। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी: भाजपा के केंद्रीय मंत्री गुरुवार को जयपुर आए और ईआरसीपी को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ERCP और पार्वती काली सिंध का काम करने के लिए हम तैयार है। प्रारूप तैयार है. केंद्र ने राजस्थान व मध्यप्रदेश से साझा किया है। नदियों से जुड़ी समिति ने इसे प्राथमिकता में शामिल किया है। ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट पर हमने विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। हमने डिटेल रिपोर्ट राजस्थान और मप्र को भेजी है। दोनों राज्य सरकारों की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार इसे आगे बढ़ाएगी। वहीं, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आरोप लगाते हैं कि ईआरसीपी कांग्रेस के लिए योजना नहीं सिर्फ चुनावी मुद्दा है।
प्रधानमंत्री ने कहा था हम तैयार हैं
इसी साल दौसा आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईआरसीपी के मुद्दे पर कहा था कि ERCP और पार्वती काली सिंध का काम करने के लिए हम तैयार हैं। प्रारूप तैयार है। केंद्र ने राजस्थान व मध्यप्रदेश से साझा किया है। नदियों से जुड़ी समिति ने इसे प्राथमिकता में शामिल किया है। ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट पर हमने विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। हमने डिटेल रिपोर्ट राजस्थान और मप्र को भेजी है। दोनों राज्य सरकारों की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार इसे आगे बढ़ाएगी।
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पीएम को चिट्ठी लिखकर लगातार मुद्दा जिंदा रखा
सीएम अशोक गहलोत इस मुद्दे का सियासी असर अच्छे से जानते हैं। इसलिए पिछले पांच सालों में उन्होंने लगातार इस मुद्दे को गरमाए रखा। गहलोत आरोप लगाते रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के अपने चुनावी वादे से पलट गए। ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने की मांग को लेकर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को 11 बार पत्र लिखे।
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परियोजना की डीपीआर के मुताबिक लागत- 37247 करोड़
परियोजना की डीपीआर के मुताबिक राजस्थान के 26 बड़े और मध्यम आकार की सिंचाई परियोजनाओं को इसका फायदा मिलना है। कमांड एरिया में 2 लाख हैक्टेयर की नई भूमि शामिल करने की बात डीपीआर में है। वर्तमान स्थिति: परियोजना की डीपीआर 19 नवंबर 2017 को सीडब्लूसी को भेजी जा चुकी है। इस डीपीआर पर मध्यप्रदेश ने आपत्ति करते हुए इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा दी।
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बचाव में अब तक भाजपा के बयान
इधर भाजपा अब तक इस मुद्दे की कोई सियासी काट नहीं ढूंढ पाई है। हालांकि उसके नेता लगातार इस मुद्दे पर सफाई भरे बयान देते हैं। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी: भाजपा के केंद्रीय मंत्री गुरुवार को जयपुर आए और ईआरसीपी को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ERCP और पार्वती काली सिंध का काम करने के लिए हम तैयार है। प्रारूप तैयार है. केंद्र ने राजस्थान व मध्यप्रदेश से साझा किया है। नदियों से जुड़ी समिति ने इसे प्राथमिकता में शामिल किया है। ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट पर हमने विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। हमने डिटेल रिपोर्ट राजस्थान और मप्र को भेजी है। दोनों राज्य सरकारों की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार इसे आगे बढ़ाएगी। वहीं, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आरोप लगाते हैं कि ईआरसीपी कांग्रेस के लिए योजना नहीं सिर्फ चुनावी मुद्दा है।
प्रधानमंत्री ने कहा था हम तैयार हैं
इसी साल दौसा आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईआरसीपी के मुद्दे पर कहा था कि ERCP और पार्वती काली सिंध का काम करने के लिए हम तैयार हैं। प्रारूप तैयार है। केंद्र ने राजस्थान व मध्यप्रदेश से साझा किया है। नदियों से जुड़ी समिति ने इसे प्राथमिकता में शामिल किया है। ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट पर हमने विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। हमने डिटेल रिपोर्ट राजस्थान और मप्र को भेजी है। दोनों राज्य सरकारों की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार इसे आगे बढ़ाएगी।