{"_id":"6634f907f7c3a9ba3403f26f","slug":"rajasthan-cm-bhajanlal-sharma-big-decision-land-auction-under-ercp-scheme-cancelled-2024-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: सीएम भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, ERCP योजना में जमीनों की नीलामी निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: सीएम भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, ERCP योजना में जमीनों की नीलामी निरस्त
Fri, 03 May 2024 08:17 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 03 May 2024 08:17 PM IST
सार
भजनलाल सरकार ने पिछली गहलोत सरकार का फैसला बदलते हुए ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट में फंड जुटाने के लिए सरकारी जमीनें बेचने पर रोक लगा दी है। ईआरसीपी के लिए अब सरकार जमीनें नहीं बेचेगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को फैसला लेते हुए ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) में जमीनों की नीलामी को निरस्त कर दिया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने जमीन की नीलामी में गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री शर्मा को पत्र लिखकर हॉर्टिकल्चर की करोड़ों रुपये की जमीन कौड़ियों के भाव में देने शिकायत की थी।
विज्ञापन
शिकायत के आधार पर जल संसाधन विभाग ने शुक्रवार दोपहर बीकानेर और अलवर में हुई नीलामी को निरस्त कर दिया है। दूसरे चरण के लोकसभा चुनाव से पहले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ईआरसीपी योजना को लेकर जल संसाधन विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री शर्मा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के शिकायत पत्र को गंभीरता से लिया और जांच करने के आदेश दिए थे। इस जांच के आधार पर जल संसाधन विभाग ने अलवर के साथ-साथ बीकानेर में हुई जमीन की नीलामी को निरस्त करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने जल संसाधन विभाग में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले को लेकर मुख्यमंत्री शर्मा को लेटर लिखा था, जिसमें आरोप लगाया था कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने अलवर में जमीन ईआरसीपी को हस्तांतरित करने में खसरा नंबर 44 को गलत तरीके से नीलाम किया। मुख्य सड़क मार्ग की 50 करोड़ रुपये की जमीन को सिर्फ नौ करोड़ में बेच दिया था। अलवर जिला कलेक्टर को भी जमीन बेचने के बारे में जानकारी नहीं है।